दुर्गापुर --- रविवार की दोपहर दुर्गापुर अनुमंडल उपसंशोधनागार का दीवार फांद कर तीन आरोपी फरार हो गए तथा जेल के पुलिस और अन्य कैदियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। बताया जा रहा है कि रविवार की शाम जब जेलर द्वारा कैदियों की गिनती की जा रही थी तभी उस गिनती में तीन आरोपी कम थे जिसके बाद पुलिस द्वारा सभी थानों को घटना को लेकर सूचित किया गया, और सोमवार की सुबह मलानदिघी के जंगल से फरार हुए 3 आरोपियों में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया,परंतु दो अन्य आरोपी अब तक फरार हैं।एसीपी सहित अन्य पुलिस कर्मियों पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी को साथ में लेकर दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।मिली जानकारी के मुताबिक अंडाल पेट्रोल पंप लूट के मामले में तीन आरोपी भुवन नियोगी, हत्या के आरोपी मोहम्मद शहाबुद्दीन तथा नेपाल मीडया को गिरफ्तार किया गया था, रविवार दुर्गापुर अनुमंडल उपसंशोधनागार का दीवार फांद कर यह तीनों आरोपी फरार फरार हो गए,आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा रविवार की दोपहर से ही आरोपियों की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही साथ इलाके के विभिन्न इलाकों में तीनों अपराधियों की तस्वीर को जगह जगह पर लगाया गया है ताकि अगर किसी को भी इसकी जानकारी मिले तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। वही मलानदिघी जंगल में जांच अभियान के दौरान सोमवार की सुबह आरोपी भुवन नियोगी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मौके पर कांकसा एसीपी सुमन जसवाल घटनास्थल पर पहुंचे एवं मलानदिघी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे न्यू टाउनशिप थाना की पुलिस को सौंप दिया, तथा सोमवार की सुबह न्यू टाउनशिप पुलिस द्वारा आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने उसे फिर से जेल में भेज दिया। इस विषय में डीआईजी कारा सुब्रतो चटर्जी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले को लेकर पुलिस पूरी सख्ती के साथ कैदियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द हिरासत में लेने के लिए जगह-जगह पर नाका चेकिंग भी लगाई गई है। वहीं घटना को देखते हुए 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है, इसके अलावा पुलिस प्रशासन से सुरक्षा का अभाव पूछे जाने पर उन्होंने सुरक्षा के अभाव को सरासर गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का अभाव नहीं है। प्रशासन से यह भी प्रश्न किया गया कि वर्ष 2009 में भी इसी तरह की घटना घटी थी इसके बाद भी अब तक कुछ संशोधनागार में ना ही कोई सायरन की व्यवस्था है और ना ही सीसीटीवी की। इस मामले पर पुलिस प्रशासन ने बताया कि विगत 6 महीने से सायरन खराब है इसके साथ ही सीसीटीवी भी खराब हो गई है, पुलिस ने जानकारी दी है कि खराब हुए सायरन को बनाने के लिए बर्खास्त कर दिया गया है और सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही साथ स्टाफ की कमी को लेकर पूछे गए प्रश्नों का जवाब देते हुए पुलिस ने बताया कि पहले की मुताबिक कैदियों की संख्या काफी अत्यधिक बढ़ चुकी है, जिसकी तुलना में कर्मी कम है। परंतु इस मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि वह सख्त से सख्त कार्यवाही कर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।

0 टिप्पणियाँ