आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में अनूप माजी उर्फ लाला की लाल डायरी से हुए खुलासे का असर अब दिखने लगा है .शिल्पांचल के नामी गिरामी अधिकारियों पर अब गाज गिरने लगी है.अनुप माजी उर्फ लाला के सहयोगियों के साथ-साथ अब ईसीएल के अधिकारियों पर सीबीआई का शिकंजा कसा है.सीबीआई ने बुधवार को कोयला तस्करी मामले में ईसीएल के पूर्व और वर्तमान जीएम सहित लगभग सात अधिकारियों को गिरफ्तार किया था ,जिसे गुरुवार को आसनसोल के विशेष सीबीआई अदालत में पेश कर 5 दिनों का रिमांड पर लिया गया. कोलकत्ता के निज़ाम के पैलेस से, उन्हें केंद्रीय बलों के सुरक्षा में सड़क मार्ग से चार वाहनों में सीबीआई की विशेष अदालत में लाया गया.
सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईसीएल के एक महाप्रबंधक, तीन पूर्व महाप्रबंधक, एक प्रबंधक तथा दो कर्मियों को सीबीआई ने कोलकाता में गिरफ्तार किया.गिरफ्तार किये गये आरोपियों में एरिया के जीएम एससी मोइत्रा, पूर्व जीएम अभिजीत मल्लिक, सुशांत बनर्जी, सुरक्षा प्रमुख तन्मय दास, एरिया सिक्यूरिटी प्रमुख देवाशीष मुखर्जी, मैनेजर मुकेश कुमार तथा कर्मियों में रिंकू बेहरा गिरफ्तार किये गये हैं. आरोप है कि इनलोगों की कोयला माफियाओं से गहरी सांठगांठ थी,वहीं कल ही ईडी ने कोयला तस्करी के मामले में जयदेव मंडल और गुरुपद माजी की 23.40 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी.
गौरतलब है कि नवंबर 2020 में ईसीएल के 2 जीएम समेत 5 अधिकारी, लाला, पर सीबीआई ने अवैध कोयला कारोबार मामले में इसीएल के 2 महाप्रबंधकों समेत 5 अधिकारियों पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी .एफआईआर 27 नवंबर को ही दर्ज की गयी थी . इस मामले में इसीएल के महाप्रबंधक एके धर, जे सी राय, मुख्य सुरक्षा अधिकारी तन्मय दास, काजोड़ा एरिया सुरक्षा अधिकारी देवाशीष मुखर्जी तथा कुनुस्तोड़िया के सुरक्षा इंस्पेक्टर धनंजय राय पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था,हालांकि इस छापेमारी के दौरान ही धनंजय राय की मौत हो गयी थी.


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