रानीगंज - बीते 28 जून को जीएसटी काउंसिल द्वारा हुए बैठक के दौरान अनब्रांडेड पैकेज फूड प्रोडक्ट में 5 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के अनुमोदन के पश्चात इसे 18 जुलाई से लागू करने के विरोध में फेडरेशन ऑफ साउथ बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फास्बेक्की) के बैनर तले 11 जिले के व्यापारिक संगठन चेंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा जोरदार आंदोलन की जाएगी, एवं इसकी रणनीति सोमवार को रानीगंज के मंगलपुर के रानीगंज स्क्वायर स्थित फास्बेक्की के कार्यालय में बनाई गयी, जहां सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस कानून के विरोध में आगामी 14 जुलाई को सर्वप्रथम पश्चिम बर्दवान के जिला शासक को फास्बेक्की की एक प्रतिनिधि ज्ञापन सौंपेंगे. यह जानकारी फास्बेक्की के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद खेतान ने देते हुए कहा इसके साथ ही 11 जिलों के चेंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा फास्बेक्की के बैनर तले अपने अपने क्षेत्र के जिला शासक को ज्ञापन सौंपेंगे.
उन्होंने बताया कि इस कानून के विरोध में प्रत्येक चेंबर ऑफ कॉमर्स अपने-अपने इलाके में आम आदमी को जागरूक करने के लिए एक विरोध रैली निकालेगी, तत्पश्चात एक महारैली आयोजित की जाएगी.
यह महारैली दुर्गापुर एवं आसनसोल में की जाएगी
श्री खेतान ने बताया कि अन ब्रांडेड पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट पर लगाए जाने वाले 5 प्रतिशत जीएसटी का असर आम नागरिकों पर पड़ेगा एवं लोगों को जागरूक करने के लिए ही इस तरह का रैली और महारैली के अलावा आगे की रणनीति तैयार कि जाएगी. फास्बेक्की के महासचिव सचिन राय ने बताया कि देश इस वर्ष स्वाधीनता के 75 वां अमृत महोत्सव मना रही है. एक तरफ लोग सरकार के तरफ आशावादी नजरों की ओर से देख रहे हैं कि स्वतंत्रता दिवस के 75 साल में उन्हें क्या सौगात मिलने वाली है तो दूसरी ओर सरकार 5% का जीएसटी अनब्रांडेड पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट में लगाकर महंगाई बढ़ा कर उनकी जेब काट लेना चाहती है. उन्होंने कहा कि आज तक देश के 75 साल में कभी भी फूड प्रोडक्ट में ना सर्विस टैक्स ना वेट ना जीएसटी लगा है ,परंतु इस वर्ष सरकार 5 प्रतिशत जीएसटी लगा रही है जिस का विरोध पूरे भारतवर्ष में सर्वत्र व्यापारी वर्ग कर रहे हैं. फास्बेक्की के समन्वयक अजय खेतान ने कहा मल्टीनेशनल कंपनी एवं बड़े घरानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनब्रांडेड।पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट में 5% जीएसटी लगाई जा रही है, इससे पूरे देश के छोटे व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे ,क्योंकि बात 5% प्रतिशत जीएसटी लगाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि जीएसटी भरने के लिए इतने अधिक कागजात करने पड़ते हैं छोटे व्यापारी कर ही नहीं पाएंगे ,फलतःउन्हें अपना बंद कर देना पड़ेगा. 5% जीएसटी लगाने से महंगाई बढ़ेगी आम आदमी इस महंगाई के बोझ तले दबेंगे, जिसका विरोध सर्व स्तर के लोगों को करना होगा. इस सभा में बराकर चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि अरुण अग्रवाल, नियामतपुर मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष महेंद्र संघाई, बांकुड़ा चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवीण सरकार,बर्नपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के सुभाष अग्रवाल, पानागढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष महादेव दे ,रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के राज कुमार कयाल,शरद कनोडिया, आसनसोल बाजार व्यवसाई समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल पटेल, मनोज शाह, जामुड़िया चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जयप्रकाश डोकानिया,मनदीप सिंह, प्रेम गोयल आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किए एवं सभी ने इस आंदोलन में अपने स्तर से हर संभव आगे रहने का वचन दिया. सभा के दौरान रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष रोहित खेतान ने इस 5% जीएसटी लगने वाले को लेकर टेक्निकल बातों को व्यवसायिक संगठन के प्रतिनिधियों के समक्ष रखा.

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