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आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीशनरेट कार्यालय इलाके मे मिल रही गुमनाम चिट्ठी से मचा हड़कंप

अज्ञात संगठन के नाम पर अधिकारीयों से दो लाख रूपए की जा रही है मांग


पैसे नही देने वालों को बुरा अंजाम भुगतने की दी जा रही है धमकी


सख्त सुरक्षा के बिच अधिकारीयों को दी जा रही गुमनाम चिट्ठी ने पुलीसिया सुरक्षा व्यवस्था पर उठाये कई सवाल







आसनसोल-पश्चिम बंगाल में एक तरफ जहाँ पैग़म्बर मोहम्मद को लेकर भाजपा नेत्री नूपुर शर्मा द्वारा की गई आपत्ति जनक टिपणी को लेकर बवाल मचा हुआ है, तो वहीं दूसरी और आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीशनरेट कार्यालय इलाके के इवनिंग लॉज में दो दर्जन से ज्यादा अधिकारीयों के घरों मे एक - एक कर गुमनाम चिट्ठी मिल रही है, जिस चिट्ठी मे एक अज्ञात संगठन के नाम से किसी अधिकारीयों से दो लाख रूपए तो किसी अधिकारीयों से जवेलरी की मांग की जा रही है, साथ मे उस चिट्ठी मे यह भी कहा जा रहा है, की पैसे और जवेलरी वो या तो अपने घर के बाहर रख दें या फिर अपने लेटर बॉक्स मे रख दें, यहीं नही चिट्ठी मे यह भी लिखा हुवा है, की अगर वह ऐसा नही करेंगे तो उसका परिणाम वह भुगतने के लिये तैयार हो जाएँ, हम बताते चलें की आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीशनरेट कार्यालय इलाके के इवनिंग लॉज स्थित करीब सौ से भी ज्यादा अधिकारीयों के बँगले हैं, जिन बंगलों मे इसको स्टील प्लांट के कई बड़े -बड़े अधिकारीयों के आवास व आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय सहित एडीसीपी सेंट्रल, एडीसीपी हेडक्वाटर, एफआर ओ कार्यालय, आई बी सेंट्रल कार्यालय भी है, पुरे दिन आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय मे कई पुलिस अधिकारियों का दिन भर आना जाना लगा रहता है, साथ मे पुलिस कमिश्नर कार्यालय के आस -पास कड़ी सुरक्षा वेवस्था रहती हैं, जगह -जगह सिसिटीवी कैमरे भी लगाए गये हैं, यूँ कहें तो यह पूरा इलाका पुलिस के कड़ी सुरक्षा घेरे मे है, ऐसे मे इस इलाके मे इलाके के अधिकारीयों को मिल रही गुमनाम चिट्ठी ने आसनसोल दुर्गापुर पुलिस की सुरक्षा वेवस्था पर कई सवाल खड़ा कर चूका है, हालांकि इलाके मे रह रहे कुछ अधिकारीयों ने इन गुमनाम चिट्ठीयों को लेकर अपनी आवाज उठाई है, और आसनसोल साऊथ पुलिस फाड़ी मे एक शिकायत भी दर्ज की है, जिसके आधार पर पुलिस भी जाँच मे जुट गई है, और इलाके मे रह रहे अधिकारीयों को मिल रही गुमनाम चिट्ठी भेजने वाले को गिरफ्तार करने के लिये योजना बना रही है, पुलिस का मानना है, की अधिकारीयों को गुमनाम चिट्ठी भेजने वाला पढ़ा लिखा होने के साथ -साथ बहुत ही शातिर है, जो बहुत ही अच्छे तरह से जानता है, की अधिकारीयों से कुछ लेने के लिये कौन सी भाषा का इस्तेमाल करना है, वह जानता है की अधिकारी पढ़े लिखे हैं इस लिये उनको वह अंग्रेजी भाषा मे ही चिट्ठी भेज रहा है, साथ ही उन्होंने यह भी अंदेशा जताया है की चिट्ठी भेजने वाला एक ही खाते का इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि जिन -जिन अधिकारीयों को चिट्ठी मिली है, उस चिट्ठी के पन्ने एक सामान है, ऐसे मे चिट्ठी भेजने वाला कोई सरारती तत्व का कोई सक्स है, या फिर कोई अपराधिक तत्व का साथ ही उसके द्वारा दी जा रही अधिकारीयों को किसी संगठन के नाम पर गुमनामी चिट्ठी के पीछे का कारण क्या है, इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिये पुलिस हर पहलु पर जाँच कर रही है, पर इस बिच इलाके मे रह रहे अधिकारी और उनके परिवार मे इस गुमनामी चिट्ठी को लेकर डर और भय का माहौल जरूर बना हुआ है, लोगों का कहना है, की उनके घर मे उनके माता और पिता बुजुर्ग हैं, साथ मे उनके छोटे -छोटे बच्चे हैं, वह घर के बाहर आते हैं, उनको डर है की कहीं गुमनामी चिट्ठी देने वाला सक्स उनके बुजुर्ग माता -पिता और उनके बच्चों को निशाना ना बना दे,

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