आसनसोल : प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में पूछताछ के लिए बुलाए जाने के विरोध में शुक्रवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने देश के सभी राज्य के जिला के जिला शासक को ज्ञापन सौंपने का निर्देश दिया था। जिसके तहत पश्चिम बर्दवान जिला राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के तरफ से अतिरिक्त जिला शासक (विकास) को एक ज्ञापन सौंपा गया। इसके पहले कांग्रेस कार्यकर्ता एचएलजी मोड़ से एक जुलूस के शक्ल में जिला शासक कार्यालय के लिए रवाना हुए। लेकिन जिला शासक कार्यालय के कुछ दूरी पर ही पुलिस ने ब्रैकेड कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता ब्रैकेड तोड़ने की कोशिश की। दोनों तरफ से जोर आजमाइश की गई। लेकिन पुलिस कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने में सफल रही। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल जिला शासक को ज्ञापन सौंपने गया।जिला शासक के अनुपस्थितिअतिरिक्त जिला शासक (विकास) को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के बाद पश्चिम बर्दवान जिला कांग्रेस के अध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के मामले में ईडी हमारे नेता राहुल गांधी को पूछताछ के लिए बार बार बुला रही है। जबकि यह मामला 2015 में ही समाप्त हो चुका है। लेकिन केंद्र के मोदी सरकार के इशारे पर हमारे नेता को परेशान किया जा रहा है। क्योंकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं। इसको देखते हुए। यह कार्यवाही की जा रही है। जबकि नेशनल हेराल्ड मामले में हमारे नेता राहुल गांधी कहीं भी दोषी नहीं है। वही प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रसन्नतजीत पूईतंडी ने कहा कि ईडी और सीबीआई का अधिकार है कि वह किसी भी व्यक्ति से पूछताछ कर सकती है। लेकिन राहुल गांधी को जिस तरह ईडी परेशान कर रही है। उसके तौर तरीका से साफ पता चल रहा है कि ईडी केंद्र सरकार के इशारे पर यह कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हमारे सांसदों के घर पर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। पार्टी कार्यालय में घुसकर पुलिस हमारे कार्यकर्ताओं के ऊपर अत्याचार कर रही है। हमारे वरिष्ठ नेता पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज में घायल हो गए हैं। उनका हड्डी फैक्चर हो गया है। इसलिए आज हम लोग जिला शासक को ज्ञापन देने आए हैं कि इन के माध्यम से हमलोग केंद्र सरकार से कहना चाहते हैं कि अनर्गल अत्याचार केंद्र सरकार बंद करें। जिस तरह केंद्र सरकार गलत नीतियां लाकर देश को जला रही है। यह गलत है। इसके विरोध में हम सत्याग्रह करना चाहते हैं। हम लोग अहिंसा के पुजारी हैं। हमलोगों को हिंसा से कोई मतलब नहीं है। इसलिए हमें रास्ता दिया जाए। ताकि हम लोग अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से कर सके। इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष हरजीत सिहं, शाह आलम, शौविक मुखर्जी, गुलाम सरवर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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