बाराबनी- रविवार रात फलहारिणी मां काली की पूजा की गई. बाराबनी विधानसभा अंतर्गत पर्वतपुर ग्राम में स्थित मां काली के मंदिर में पूजा करने के लिए भक्तो की काफी भीड़ दिखाई पड़ी. मंदिर के पुजारी पंडित नीलकांत मुखर्जी ने बताया कि फलहरिणी मां काली की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन भक्त अपनी मनोकामना के पूर्ण होने तक इच्छा के अनुरूप कोई एक फल मां को दान देते हैं और वह फल साल भर ना खाने का निर्णय लिया जाता है. दरअसल फलाहारिणी काली पूजा बंगाली कैलेंडर में ज्येष्ठ माह में देवी काली को समर्पित एक अत्यंत शुभ दिन है. फलाहारिणी काली पूजा जेष्ठ महीने में अमावस्या के दिन आता है.पूजा के लिए आधी रात को अमावस्या तिथि होनी चाहिए.मंदिरों में इस दिन देवी काली की पूजा की जाती है और इस दिन विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं.दिन के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में काली नाम संकीर्तन, अंजलि, आरती और भोग शामिल हैं.अनुष्ठान और पूजा अमावस्या के रात में होती है.हजारो की संख्या में लोगो ने खिचड़ी भोग ग्रहण किये.पंडित नीलकण्ठ मुखर्जी ने बताया कि लगभग 13 वर्ष पहले उनके पिता पंडित लखिकान्त मुखर्जी को माँ काली ने स्वप्न दिया था,की लोगो के मनोकामना को पूर्ण करने के लिए मुझे स्थापित कर पूजा करो,तब इस मंदिर की स्थापना की गई एवं प्रत्येक वर्ष माँ फ़लहारिणी की पूजा की जाती है,जिसमें दूर- दूर से भक्तो को आगमन होती है.


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