रानीगंज-रांनीगंज त्रिवेणी देवी भालोटीया कॉलेज के वर्ष 1987-88.बैच के छात्रों द्वारा रविवार को कॉलेज के सभागार में पुनर्मिलन समारोह आयोजित किया गया,जिसमें सैकड़ो छात्रा-छात्रायों ने हिस्सा लिया. इस पुनर्मिलन समारोह का उद्घाटन रांनीगंज के विधायक , अड्डा के चेयरमैन तथा कॉलेज प्रबंधकीय कमिटी के अध्यक्ष तापस बनर्जी ने किया. इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन एवं केक काटे गये. उन्होंने इस मौके पर कहा कि अतीत को याद करना और उसे स्मरण करना जीवन में एक नई ऊर्जा प्रदान करता है . इस कार्यक्रम ने मुझे भी छात्र जीवन के दिनों का स्मरण कराया है. उन्होंने गुरु शिष्य परंपरा आज भी प्रासंगिक बताते हुए इस पर विचार रखें. विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यापक जगन्नाथ चक्रवर्ती ने कहा ऐसे कार्यक्रम से एक तरफ गुरु सम्मान तो दूसरी तरफ छात्रों का सम्मान तीसरी तरफ हम अपने परिवार को अपने छात्र जीवन से अवगत कराने का अवसर पाते हैं.जीवन के अनेकों पहलू है जो दोबारा नहीं मिलती, उसमें से एक छात्र जीवन भी है. पूर्व अध्यापक आरएन दीक्षित ने कहा कि आज जिस प्रकार से यहां के पूर्व छात्रों ने हम सबको स्नेह दिए, वह समय हमारे प्रति नहीं उन तमाम अध्यापकों को जाता है जिन्होंने इस कॉलेज में शिक्षा प्रदान करते रहे हैं. भाव विभोर शब्दों में कहा कि इसी दिन की उम्मीद हम सबको रहते हैं. कॉलेज के प्रिंसिपल आशीष कुमार दे ने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम की जरूरत है. इससे छात्र और गुरु दोनों को सम्मान बढ़ता है.इस अवसर पर पूर्व छात्र आरपी खेतान, ओमप्रकाश बाजोरिया ने भी अपना वक्तव्य रखें.इस मौके पर पूर्व छात्र स्वपन कर , मनोज बाजोरिया ,शिवकुमार शराफ, राजकुमार अग्रवाल ,सुजाता पाल ने 87-88 दरमियान के शिक्षकों के शिक्षा देने की प्रक्रिया का जहां जिक्र किया वहीं उस वक्त के कालेज में बिताए पलों से भी अवगत कराया. कार्यक्रम का संचालन अनुज मुखर्जी ने किया.


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