रानीगंज कांड की प्लानिंग हाजीपुर में हुई थी तैयार
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुबोध सिंह ने जेल में ही बैठकर अपने गुर्गों को दिया था दिशानिर्देश, जांच में आयी बात सामने
गोल्ड पे लोन देनेवाली संस्थाओं को लूटने में बढ़ रहा है खतरा, हर जगह लग गयी है हाईटेक व्यवस्था
सोना व्यापारियों के दुकान के बजाय अब घरों को बनाया जा रहा है निशाना, पहला एक्सपेरिमेंट ही रानीगंज में हो गया विफल
15 दिनों तक निरसा में रहकर भालोटिया परिवार की कर रहे थे रेकी, निरसा में किराए के मकान को भी किया गया चिन्हित
रानीगंज-पश्चिम बर्दवान जिला के प्रतिष्ठित व्यवसायी व उद्योगपति सुंदर भालोटिया के घर पर हुए डकैती के साथ घर के किसी सदस्य के अपहरण करने की प्लानिंग का पूरा खाका बिहार के हाजीपुर इलाके में तैयार किया गया था. सोना लूटकांड का सरगना सुबोध सिंह ने पटना बेउर जेल से बैठकर पूरी प्लानिंग को कार्यान्वित करने की योजना को बारीकी से अपने गुर्गों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समझाया था. कांड के पीछे अनेकों लोग शामिल हैं. इनकी योजना लूट के साथ घर के किसी सदस्य को अपने साथ उठाकर ले जाने की थी. कांड की जांच कर रही पुलिस और विभिन्न एजेंसियों के सामने यह बातें सामने आयी हैं. जिसके आधार पर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस रिमांड में रहे आरोपियों का असली नाम पुलिस को मिली है. कमिश्नरेट पुलिस के साथ सीआइडी, एसटीएफ आदि एजेंसियां इस मामले की जांच में जुटी हैं. सुबोध सिंह गिरोह का यह अपने किस्म का पहला मामला है जो सफल नहीं हुआ.
हाजीपुर में तैयार हुआ था फाइनल प्लानिंग
जांच के क्रम में पुलिस को यह जानकारी मिली कि कांड को अंजाम देने के पूर्व फाइनल प्लानिंग हाजीपुर में बैठकर तैयार हुआ है. पटना बेउर जेल में बंद सुबोध सिंह ने अपने गुर्गों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात की और प्लान को कैसे कार्यान्वित करना है इसकी पूरी जानकारी सभी को दी है. पुलिस इस जानकारी की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस के लिस्ट में अनेकों नाम शामिल है. सभी की तलाश जारी है.
सुबोध सिंह गिरोह ने लूट के साथ अपहरण का नया ट्रेंड किया है आरम्भ!
रानीगंज रामबगान निवासी श्री भालोटिया के आवास में अपराधियों के धावा बोलने की योजना पिछले तीन माह से तैयार की जा रही है. इसे कार्यान्वित करने के लिये लड़कों को विभिन्न इलाकों से संग्रह किया गया. इन्हें कार्य दिया गया था कि घर में नकदी और सोना, हीरा जो भी मिलता है उसे बैग में भर लें और किसी एक सदस्य को अपने साथ उठा लें. इस कांड में पुलिस और विभिन्न एजेंसियों को जो भी सुराग मिल रहा है, वह सुबोध सिंह तक पहुंच रहा है. सुबोध सिंह गिरोह का कार्य मुख्य रूप से गोल्ड पे लोन देनेवाली संस्थाओं के साथ ज्वेलरी के बड़े शोरूम को लूटना होता था. इस कांड में एक नया ट्रेंड पुलिस को देखने को मिल रहा है. व्यापारी के घर पर धावा बोलकर घर में रखे जेवरात व नकदी लूटने के साथ घर के किसी सदस्य को अपहरण कर अपने साथ जाने की थी. यदि ऐसा हो जाता तो फिर मनचाहे डिमांड मिल जाती.
15 दिनों से निरसा में रुके हुए थे आरोपी,कर रहे थे रैकी
जांच के क्रम में पुलिस को पता चला है कि धनबाद जिला के निरसा इलाके में एक आवास किराये पर लेकर पिछले 15 दिनों से पांच आरोपी रह रहे थे. निरसा से वे लोग यहां आकर रेकी करते थे. जिसकी सूचना अपने आका तक भेजते थे जिसके आधार पर प्लान तैयार होता था.
पकड़े गए तीनों आरोपियों का लगातार बदल रहा है बयान
पकड़े गये तीनों आरोपियों का असली नाम पुलिस को मिल गया है. जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. आकाश कुमार झा का असली नाम मनप्रीत सिंह मनी है और यह मूल निवासी बिहार के मोतीहारी का है. लंबे समय से यह लुधियाना में बस गया है. यहां इसकी आपराधिक गतिविधि की सूची पुलिस खंगाल रही है. पुलिस के साथ एक मुठभेड़ में यह अपने तीन साथियों के साथ बच निकला था. एक की मौत हो गयी थी. टीटागढ़ के भाजपा नेता मनीष शुक्ला के हत्याकांड में गिरफ्तार मनीष सिंह लुधियाना का ही था. रानीगंज कांड इसे गोली लगी, इसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है. चंदन कुमार साहनी का असली नाम शेख रसूल है. यह जुबेनाइल से भागा हुआ आरोपी है और मनीष शुक्ला हत्याकांड में इसका भी नाम शामिल है. अभी पुलिस रिमांड में है. मनोज कुमार का सोनू यादव है और यह बिहार के हाजीपुर का निवासी है. इसकी आपराधिक गतिविधि पुलिस खंगाल रही है. रिमांड अवधि में रहे आरोपी लगातार अपना बयान बदल रहे हैं. कांड में शामिल अन्य साथियों की गिरफ्तारी के बाद इनके बयान में स्थिरता आने की संभावना जतायी जा रही है.
अंचल में भालोटिया परिवार की गिनती होती है सबसे समृद्ध परिवारों में
रानीगंज रामबगान डॉक्टर्स कॉलोनी में इलाके के प्रतिष्ठित उद्योगपति व व्यवसायी भालोटिया ब्रदर्स के सुंदर भालोटिया, राजेन्द्र भालोटिया, श्याम भालोटिया और महेंद्र भालोटिया चार भाई एक साथ रहते हैं. इनके बड़े भाई सुभाष भालोटिया एसीएल कर्मी हैं और वे अलग रहते है. चारों भाई का संयुक्त परिवार है, और कारोबार भी एकजुट होकर ही करते हैं. बांकुड़ा बड़जोड़ा इलाके में इनलोगों का स्पंज आइरन का कारखाना है. दुर्गापुर के सागरभांगा और मोचीपाड़ा में रेलवे साइडिंग का कार्य देखते हैं. धनबाद, दुर्गापुर और आसनसोल में स्वर्ण आभूषण का शोरूम है. दिल्ली में मेडिकल फर्नीचर का कारखाना है. रीयल स्टेट बीते कुछ वर्षों से कारोबार शुरू किया है. जिले के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर में इनकी गिनती होती है. भालोटिया परिवार के साथ उनके विभिन्न व्यवसाय में चिन्मय मंडल, निर्मल दे, ललित कयाल के अलावा उनके चचेरे भाई विजय भालोटिया पार्टनर हैं.

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