आसनसोल : पहले आसनसोल उत्तर मंडल दो के अध्यक्ष सुदीप चौधरी फिर आसनसोल दक्षिण मंडल एक के दो उपाध्यक्षों ने कृष्णेन्दु मुखर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आसनसोल दक्षिण मंडल 1 के उपाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव और उज्जवल मांजी का कहना है कि जब भाजपा का खराब समय था तब से वे लोग भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम करते आ रहे हैं।जब यहां कोई संगठन में नहीं आना चाहता था। उस समय वह वार्ड में संगठन खड़ा किए। आज जब कुछ अच्छे दिन आए हैं। वे लोग चाहते थे कि भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को निगम चुनाव का टिकट मिले। लेकिन भाजपा उच्च नेतृत्व में विधानसभा और कोलकाता नगर निगम चुनाव से सीख ना लेते हुए फिर से जुम्मा जुम्मा 4 दिन आए लोगों के हाथ में टिकट बंटवारे का जिम्मेदारी सौंप दिया। 57 नंबर वार्ड से अमर बाउरी को टिकट दिया गया। इसके लिए कृष्णेन्दु मुखर्जी जिम्मेवार है। क्योंकि अमर बाउरी कोलयरी का गेट संभालता है।कृष्णेन्दु मुखर्जी ने गेट लेने के लिए अमर बाउरी को टिकट दिलवाया। ऐसे बहुत सारे जगहों में उन्होंने अपने प्रभाव से अपने चट्टे बट्टे को टिकट दिलवाया है। वे भाजपा के संगठन को बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि भाजपा को बर्बाद करने के लिए आए हैं। यह बात इससे सिद्ध होता है कि वार्ड संख्या 23 में जिस उम्मीदवार को भाजपा ने टिकट दिया था। वह उम्मीदवार पर्चा नहीं भरा और उसने कहा कि कृष्णेन्दु मुखर्जी के प्रभाव के कारण से टिकट मिला। वह इस योग्य नहीं था। जबकि यही बात पिंटू मुखर्जी जो 25 नंबर वार्ड से भाजपा ने अपने उम्मीदवार बनाया था। वह टीएमसी में शामिल हो गए। जबकि वे भी कृष्णेन्दु मुखर्जी के खास व्यक्ति थे। जिसके कारण उन्हें टिकट मिला। यदि भाजपा का संगठन बर्बाद होता है और चुनाव में भाजपा की स्थिति बदतर होगी तो इसके लिए कृष्णेन्दु मुखर्जी जिम्मेवार होंगे। अरविंद श्रीवास्तव ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि कृष्णेन्दु मुखर्जी का कौन सा पद है कि उनको केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा मुहैया करवाया है।वह ना कोई विधायक है, ना सांसद है, न चुने हुए प्रतिनिधि हैं ना वे जननेता है। वे अपराधिक पृष्ठभूमि से आते हैं। ऐसे लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाकर उन जवानों का भी अपमान हो रहा है। जो इनके सुरक्षा में दिन-रात खड़े हैं। इसलिए हमारी मांग है कि इनकी सुरक्षा जल्द से जल्द हटाई जाए।

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