रानीगंज-क्रिसमस डे यानी बड़ा दिन और इस दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, यीशु के जन्मदिन को पूरा विश्व मनाता है. भारत में भी क्रिसमस को नेशनल हॉलिडे के रूप में मान्यता दी गई है.रानीगंज के वाईसलेन मेथाडिस्ट चर्च जो गिरजा पाड़ा में स्थित है, यहां क्रिसमस के त्योहार को लेकर तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई थी.
शनिवार सुबह से ही सभी धर्मों के लोग प्रभु यीशु के जन्म दिवस को मनाने के लिए इकट्ठे होने लगे. सबसे पहले फादर ने सभी के साथ प्रार्थना सभाएं की इसके बाद केक काटकर यीशु के जन्म दिवस को मनाया गया
प्रार्थना में सभी लोगों ने विश्व में शांति और महामारी को खत्म करने की प्रार्थना की. ईसाई धर्म के मान्यता के अनुसार प्रभु यीशु मसीह का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था. जिसकी वजह से इस दिन को क्रिसमस के तौर पर मनाया जाता है. माना जाता है कि यीशु मसीह ने इसी दिन मरीयम के घर जन्म लिया था. प्राचीन कथा के अनुसार मरीयम को एक सपना आया था.इस सपने में उन्हें प्रभु के पुत्र यीशु को जन्म देने की भविष्यवाणी की गई थी. इस सपने के बाद मरियम गर्भवती हुईं और उनको गर्भावस्था के दौरान बेथलहम में रहना पड़ा. एक दिन जब रात ज्यादा हो गई तो मरियम को रुकने के लिए कोई सही जगह नहीं दिखी. ऐसे में उन्होंने एक ऐसी जगह पर रुकना पड़ा जहां पर लोग पशुपालन किया करते थे. उसी के अगले दिन 25 दिसंबर को मरियम ने प्रभु यीशु को जन्म दिया था. इसी वजह से इस दिन को क्रिसमस के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है. कहा जाता है कि प्रभु यीशु मसीह ने ही ईसाई धर्म की स्थापना की थी.

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