रानीगंज-साइबर क्राइम का मामला दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. अपराधी बड़ी चालाकी से ग्राहक से पैसे ऐंठ रहे हैं ,और ग्राहक लालच वश इस के चक्कर में पड़ते हैं. एक ऐसा ही मामला जे के नगर से सामने आया है. जिसका शिकार खुद मीडिया कर्मी हुआ है.जे के नगर का रहने वाला ओम प्रकाश रजक से करीबन 9630 रुपए का चूना साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों ने लगाया. दरअसल पीड़ित बजाज फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर अपने लिए एक गाड़ी खरीदा था उसका लोन उसने सही समय पर भर भी दिया.कुछ दिन पहले ही उसके पास बजाज फाइनेंस कंपनी के नाम पर साइबर क्राइम अपराधियों के द्वारा मोबाइल पर एक मैसेज आया जिसमें 25 लाख रुपए लोन अप्रूव होने की बात कही गई थी. इसके बाद पीड़ित के पास 7632931930/9088970304 मोबाइल नंबर से अपराधियों ने कॉल कर लोन लेने की जानकारी हासिल की.पीड़ित ने 25 लाख के जगह 3 लाख लेने पर सहमति जताई ,जिसके बाद तो अपराधियों के लुटने का सिलसिला शुरू हो गया. अपराधियों ने पहले पीड़ित से पैन कार्ड और आधार कार्ड मांगे ,ताकि लोन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके. इसके बाद अपराधियों ने फोन कर रजिस्ट्रेशन के लिए 2550 रुपए की मांग की, जिसे ओम प्रकाश ने फ़ोन पे से भेज दिए, इसके बाद एक बार फिर अपराधियों ने टीडीएस के लिए 7000 रुपए की मांग की जिसे भी उसने पूरा कर दिया.इन दोनों के बाद अपराधियों के हौसले और भी बुलंद हो गए और उन लोगों ने जीएसटी के लिए 9000 रुपए की और मांग कर डाली, इसके बाद पीड़ित को कुछ शक हुआ और उसने रुपए देने से इंकार कर दिए और इस विषय की जानकारी लेने रानीगंज के स्कूल मोड़ स्थित बजाज फाइनेंस के कार्यालय में गया जहां बजाज फाइनेंस के अधिकारी ने इस पूरे मामले को साइबर क्राइम करार दिया और खुद उसी नंबर पर अपराधियों से बात की जहां पूरा मामला साफ हो गया. बजाज फाइनेंस अधिकारी का कहना है कि हमारे कार्यालय की तरफ से किसी से भी लोन अप्रूव के लिए पैसे नहीं मांगे जाते है.सबसे बड़ी बात यह है कि अपराधियों ने बजाज फाइनेंस, टीडीएस, एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कंपनी ले लोगो सहित इसका रसीद भी भेजा है,सबसे बड़ी बात यह है की अपराधी अभी भी प्रकाश रजक का फ़ोन रिसिव कर रहा है. इस तरह के साइबर क्राइम बार-बार होने से आम जनता के बीच दहशत का माहौल पैदा होते जा रहा है.इसकी जानकारी पुलिस को भी दिया गया है.

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