आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में सबसे बड़े आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला के चार करीबी जयदेव मंडल, नीरदबरण मंडल, गुरुपद माजी और नारायण नंदा को सोमवार को आसनसोल कोर्ट में पेश किया। जहां इनके वकीलों ने इनकी जमानत की अर्जी दी। सीबीआई विशेष अदालत ने चारों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की अगली सुनवाई अब 23 नवंबर को दी गई है। मालूम हो कि सीबीआई (मामला संख्या 22/20) ने बंदियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120/बी और 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (ए) और 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया है। राज्य पुलिस, काम्बैट फोर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी सुरक्षा के बीच इन चारों को शुक्रवार सुबह आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। इसके पहले सीबीआई ने जयदेव को तीन और बाकी सभी को दो बार रिमांड पर लिया था। सीबीआई ने पिछले साल 26 नवंबर को अनूप मांझी और ईसीएल के दो जीएम और तीन सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ अवैध खनन, चोरी और कोयले की तस्करी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने बाद में इस मामले में देशभर में करीब 30 जगहों पर तलाशी ली थी। कोयला तस्करी मामले में जयदेव मंडल, नारन नंदा के घर, नीरद मंडल, गुरुपद माजी के घर पर छापा मारा था और वहां से भी कुछ जानकारी एकत्र की थी। माना जा रहा है कि सीबीआई द्वारा चारों को गिरफ्तार करने के बाद कई प्रभावशाली लोगों और तत्कालीन पुलिस के प्रभारी कई अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं इसलिए इस मामले की जड़ तक जाने के लिए सीबीआई इनकी जमानत नहीं होने दे रही है।

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