आसनसोल : एक बार फिर मौसम के मिजाज में आसनसोल शिल्पांचल के निचले हिस्सों में रहने वाले नागरिकों को दहशत में ला दिया है। अभी लोग चक्रवात गुलाब के बरपाये गये कहर से उबरे भी नहीं है कि अब इस बारिश ने लोगों के परेशानीयों को और बढ़ा दिया है। वहीं भारत सरकार के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के भविष्यवाणी ने इस दहशत को और बल दिया है।भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने 20 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
क्या है मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान
दक्षिण बंगाल में पूर्वानुमान है कि
उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, कोलकाता, पुरुलिया, झारगाम, पश्चिम मिदनापुर, बांकुरा, पश्चिम बर्धमान, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और में 18-20 अक्टूबर तक गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं उत्तर बंगाल का पूर्वानुमान है कि दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में 18-20 अक्टूबर तक गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
प्रशासन कितना है तैयार
5 महीना के अंतराल में आए दो चक्रवातों के कारण लगातार हुई बारिश ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। लोग प्रशासनिक जल निकासी व्यवस्था से अच्छी तरह अवगत हो गए हैं। क्योंकि लगातार दो दिन बारिश होने के बाद शिल्पांचल का निचला हिस्सा डूब जाता है। जिसके कारण हजारों घर और लाखों लोग प्रभावित होते हैं। चक्रवात गुलाब से पहले निगम और प्रशासन के द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। बार-बार यह कहा जा रहा था कि इस बार पानी निकासी की सारी व्यवस्था की जाएगी। हर बोरों में एक कमेटी बनाई गई थी। मोटर पंप और वाहन की भी व्यवस्था की गई थी। लेकिन सारी व्यवस्था धरी की धरी रह गई। प्रकृति के कहर के सामने प्रशासन की एक न चली। यदि मौसम वैज्ञानिकों के भविष्यवाणी को माना जाए तो पश्चिम बर्धमान जिला में 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक 3 दिनों तक मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश से हुई क्षति के बीते अनुभव से लोग दहशत में हैं।

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