इकड़ा स्थित कारखाने में काम के दौरान घायल हुआ था श्रमिक, इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम
जामुड़िया : जामुड़िया के इकड़ा स्थित श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड कारखाने में काम करने के दौरान घायल हुए ठेका श्रमिक मानिक रुईदास की इलाज के दौरान मौत हो गयी. श्रमिक की मौत की खबर के बाद कारखाना परिसर के बाहर परिजनों, बाउरी समाज के प्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं ने मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जताया. इसे लेकर कारखाना गेट के सामने काफी देर तक गतिरोध बना रहा.
मृत श्रमिक के परिजनों की ओर से उचित मुआवजे की मांग को लेकर कारखाना प्रबंधन के साथ लंबी बैठक हुई. काफी विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और परिवार को मुआवजा तथा अन्य सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया. इसके बाद विरोध समाप्त हुआ.
मुआवजे पर बनी सहमति
बैठक में तय हुआ कि मृत श्रमिक के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जायेगा. इसके अलावा अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 50 हजार रुपये तथा परिवार के तत्काल जीवन-यापन के लिए एक लाख रुपये दिये जायेंगे.
साथ ही मृतक मानिक रुईदास के बेटे मनोज रुईदास के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सप्लाई कॉन्ट्रैक्टर के अधीन नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया. इस तरह कुल 16.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और भविष्य में रोजगार के आश्वासन पर परिवार ने फिलहाल आंदोलन समाप्त किया.
बाउरी समाज ने रखी परिवार के लिए न्याय की मांग
बैठक में बाउरी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुमंत बाउरी भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि कारखाने में एक श्रमिक की मौत बेहद दुखद है. गरीब परिवार को न्याय और उचित सहायता दिलाने के उद्देश्य से समाज के प्रतिनिधि यहां पहुंचे थे.प्रबंधन से बातचीत के बाद परिवार के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है. उन्होंने कहा कि बाउरी समाज हमेशा मेहनतकश और गरीब लोगों के साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा.
घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. मुआवजा और रोजगार के आश्वासन से परिवार को तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन एक श्रमिक की जान जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल बरकरार हैं.



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