रानीगंज- बीते 14 अगस्त की रात रानीगंज रेलवे स्टेशन के निकट हुई संघर्ष की घटना को लेकर मंगलवार को भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता व कार्यकर्ता रानीगंज थाने पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया.ज्ञात रहे कि 14 अगस्त की रात हुई संघर्ष के मामले में पुलिस ने भाजपा मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह, पंचायत सदस्य बादशाह चटर्जी समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. शिकायत विहिप के शुभम राउत की ओर से दर्ज करायी गयी है. मामले में पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी लगायी हैं.
घटना के बाद इसे भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष के रूप में देखा जा रहा था. हालांकि, दोनों संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना से संगठन का कोई संबंध होने से इनकार किया गया था.
मंगलवार को भाजपा नेता आनंद साव, तपन चक्रवर्ती, रंजीत यादव, रोहन कुमार तथा विहिप सचिव विश्वजीत गोराई समेत कई कार्यकर्ता रानीगंज थाने पहुंचे. नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किये जाने का विरोध किया. थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे.
पुलिस के अनुसार, थाना परिसर में अशांति फैलने की स्थिति उत्पन्न होने पर आनंद साव, तपन चक्रवर्ती, रोहन कुमार और रंजीत यादव को हिरासत में लिया गया. इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता काफी देर तक थाने के बाहर डटे रहे. वे भाजपा जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य और रानीगंज विधायक पार्थ घोष के पहुंचने का इंतजार करते रहे, ताकि थाना प्रभारी से मुलाकात कर मामले के समाधान की मांग की जा सके.
वहीं रानीगंज भाजपा मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया.उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले का पार्टी पुरजोर विरोध करती है. जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी कदम उठाया जायेगा.
वहीं, 14 अगस्त की घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.घटना के बाद रानीगंज में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी है और प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है.

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