रानीगंज : रानीगंज लायंस जे.डी.एम. चनानी डीएवी पब्लिक स्कूल में 19 और 20 अगस्त को डीएवी स्पोर्ट्स 2026 के तहत पश्चिम बंगाल जोन क्लस्टर एवं राज्य स्तरीय योग और हैंडबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया गया.दो दिवसीय प्रतियोगिता में पश्चिम बंगाल के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के 517 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया .
विद्यालय की प्राचार्या मंदिरा दे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर डीएवी बैरकपुर की हेड ऑफ द इंस्टीट्यूट जीता भट्टाचार्य, लायंस स्कूल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के प्रेसिडेंट सुशील गनेड़ीवाला, अभिभावक प्रतिनिधि सुनील कुमार सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे. सुशील गनेड़ीवाला ने विद्यार्थियों को खेलों के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया. उन्होंने आयोजन समिति और विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए प्रतियोगिता के उद्घाटन की घोषणा की.
प्रतियोगिता में हैंडबॉल के नौ और योग के 17 विद्यालयों ने हिस्सा लिया. हैंडबॉल के अंडर-14 बालक वर्ग में डीएवी पांडेश्वर विजेता और डीएवी मधुकुंडा उपविजेता रहा। अंडर-14 बालिका वर्ग में रानीगंज डीएवी विजेता और मधुकुंडा डीएवी उपविजेता रहा। अंडर-17 बालक वर्ग में मधुकुंडा विजेता और रानीगंज उपविजेता रहा. बालिका वर्ग में मधुकुंडा विजेता तथा दुर्गापुर उपविजेता रहा. अंडर-19 बालक वर्ग में रानीगंज डीएवी विजेता और शंकरपुर डीएवी उपविजेता रहा.वहीं, बालिका वर्ग में रानीगंज डीएवी विजेता और डीएवी हल्दिया उपविजेता रहा.
योग प्रतियोगिता के अंडर-14 बालक वर्ग में डीएवी दुर्गापुर विजेता और डीएवी खड़गपुर उपविजेता रहा. अंडर-14 क्लस्टर-1 बालिका वर्ग में दुर्गापुर विजेता तथा पांडेश्वर डीएवी उपविजेता रहा. क्लस्टर-2 बालिका वर्ग में खड़गपुर विजेता और हल्दिया डीएवी उपविजेता रहा. अंडर-17 बालक वर्ग में दुर्गापुर विजेता और कन्यापुर उपविजेता रहा. बालिका वर्ग में हल्दिया विजेता और रानीगंज उपविजेता रहा. अंडर-19 बालक वर्ग में दुर्गापुर विजेता तथा कन्यापुर उपविजेता रहा. बालिका वर्ग में दुर्गापुर विजेता और बांंकुड़ा उपविजेता रहा.
सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का परिचय दिया.आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय परिवार, खेल शिक्षकों, निर्णायकों, स्वयंसेवकों और आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही.




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