आसनसोल- आरोपियों की कमर में रस्सी बांधकर सार्वजनिक रूप से ले जाने की कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को आसनसोल न्यायालय के अधिवक्ता अभिषेक रुईदास ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान उन्होंने पुलिस उपायुक्त (डीसी) से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की.
अभिषेक रुईदास ने कहा कि रानीगंज, बाराबनी और सालानपुर सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा आरोपियों को कमर में रस्सी बांधकर सार्वजनिक रूप से ले जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि यह सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के विपरीत है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि किसी भी आरोपी को बिना कानूनी आवश्यकता के हथकड़ी पहनाकर या कमर में रस्सी बांधकर सार्वजनिक रूप से नहीं घुमाया जा सकता, क्योंकि इससे उसके मौलिक अधिकारों और मानवीय गरिमा का उल्लंघन होता है.
उन्होंने रानीगंज थाना से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी सौमित्र बनर्जी पर थाना परिसर के भीतर कुछ लोगों ने हमला किया था. इसके अलावा उन्होंने थाना परिसर के पुनर्निर्माण कार्य के नाम पर भी कई अनियमितताएं होने का आरोप लगाया. अधिवक्ता ने बाराबनी थाना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
अभिषेक रुईदास ने बताया कि पुलिस उपायुक्त ने उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की घटनाएं दोहराई गईं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करेंगे. उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए मानवाधिकारों और न्यायिक निर्देशों का सम्मान किया जाना आवश्यक है.

0 टिप्पणियाँ