रानीगंज-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी पार्थ घोष अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे थे,और उनकी बात सच भी हुई. पार्थ घोष ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कालोबरण मंडल को 17884 मतों से पराजित किया. उन्होंने इस बढ़त को रानीगंज की जनता का भाजपा के प्रति विश्वास और परिवर्तन की लहर बताया.
कार्यकर्ताओं के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की चेतावनी
जीत के साथ ही पार्थ घोष ने एक जिम्मेदार नेता की छवि पेश करते हुए अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए कड़ा संदेश जारी किया है.उन्होंने 2021 के चुनावों के बाद हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा की 2021 में चुनाव जीतने के बाद जिस तरह की हिंसा टीएमसी ने की थी, भाजपा वैसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती,। यदि हमारा कोई भी कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्र व्यवहार में लिप्त पाया जाता है, तो पार्टी उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी.
विपक्षियों को खिलाएं मिठाई, न करें हिंसा
पार्थ घोष ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी का अनुशासन सबसे ऊपर है.उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि जिन लोगों ने भाजपा को वोट नहीं दिया या समर्थन नहीं किया, उनके प्रति द्वेष न रखें.जरूरत पड़ने पर विरोधियों को भी मिठाई खिलाएं और सद्भाव का परिचय दें.किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई को पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
पार्थ घोष का यह बयान राज्य में चुनावी नतीजों के बाद होने वाली संभावित हिंसा को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.


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