रानीगंज- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का परचम लहरा दिया है. भाजपा की फायरब्रांड नेता और मौजूदा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल ने लगातार दूसरी बार इस सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. अग्निमित्रा ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कद्दावर प्रतिद्वंद्वी तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया.
भाजपा के अग्निमित्रा पाल को 1,19,582 जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तापस बनर्जी को 78,743 मत मिले.
तापस बनर्जी के 'होम ग्राउंड' में सेंध इस जीत के राजनीतिक मायने इसलिए भी बड़े हैं क्योंकि टीएमसी ने इस बार एक सोची-समझी रणनीति के तहत तापस बनर्जी को मैदान में उतारा था. तापस बनर्जी 2021 में रानीगंज से विधायक चुने गए थे, लेकिन आसनसोल दक्षिण उनका गृह क्षेत्र होने के कारण पार्टी को उम्मीद थी कि वे यहाँ अग्निमित्रा को कड़ी चुनौती देंगे.
हालाँकि, मतदाताओं ने स्थानीय समीकरणों के बजाय अग्निमित्रा पाल के पिछले पांच वर्षों के कार्यों और भाजपा की नीतियों पर मुहर लगाई. अपने ही घर में तापस बनर्जी की यह हार तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है.
जीत की घोषणा होते ही आसनसोल दक्षिण के भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई.समर्थकों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और जय श्री राम के नारों के साथ अग्निमित्रा पाल का अभिनंदन किया.
विजयी प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह जीत आसनसोल दक्षिण की जनता की जीत है. उन्होंने विकास और राष्ट्रवाद पर भरोसा जताया है. विपक्ष ने घेराबंदी की पूरी कोशिश की, लेकिन जनता का प्यार मेरे साथ था.
इस जीत के साथ ही अग्निमित्रा पाल ने न केवल अपना वर्चस्व साबित किया है, बल्कि जिले की राजनीति में अपना कद और भी ऊंचा कर लिया है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बड़ी जीत का असर आने वाले समय में जिले की अन्य राजनीतिक गतिविधियों पर क्या पड़ता है।


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