बाँकुड़ा: संताली भाषा की ओलचिकी लिपि के महान आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू की 122वीं जयंती के अवसर पर गत 5 मई को बाँकुड़ा जिले के सुदूर आदिवासी गांव खेरोबाड़ी में एक भव्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.'एजुकेशन फॉर ऑल संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह का संगम देखने को मिला.
विधायक की सादगी ने जीता सबका दिल
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शालतोड़ा क्षेत्र की नवनिर्वाचित विधायक चंदना बाउरी रहीं. विधायक ने न केवल पंडित रघुनाथ मुर्मू को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि अपनी सादगी से वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया. जब भोजन का समय आया, तो विधायक चंदना बाउरी ने प्रोटोकॉल किनारे रख खुद अपने हाथों से ग्रामीणों और बच्चों को भोजन परोसा.
1500 लोगों के लिए भोज का आयोजन
संस्था 'एजुकेशन फॉर ऑल' की ओर से इस जयंती समारोह को उत्सव का रूप दिया गया.आयोजन के दौरान.आसपास के 5 गांवों से लगभग 1500 ग्रामीण इस समारोह में शामिल हुए.आदिवासी संस्कृति को दर्शाते हुए शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई.सभी उपस्थित लोगों के लिए बड़े स्तर पर सामूहिक भोज (भोजन) की व्यवस्था की गई थी.
शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण का संदेश
आयोजक संस्था 'एजुकेशन फॉर ऑल' के प्रमुख शिक्षक बासुदेव गोस्वामी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंडित रघुनाथ मुर्मू के योगदान को याद करना और नई पीढ़ी को अपनी लिपि व शिक्षा के प्रति जागरूक करना है. विधायक चंदना बाउरी ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पंडित मुर्मू का जीवन और उनकी बनाई लिपि आदिवासी समाज की पहचान है, जिसे सहेज कर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है.
दूरदराज के इस इलाके में हुए इतने बड़े आयोजन और विधायक की सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है.



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