रानीगंज: पश्चिम बंगाल में 4 मई को भाजपा की नई सरकार के गठन के साथ ही कार्य पद्धति में बदलाव की झलक मिलने लगी है.वर्षों से उपेक्षित रानीगंज की समस्याओं का समाधान अब धरातल पर दिखने लगा है. जहाँ एक ओर शहर की मुख्य सड़कों की मरम्मत शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से विवादों में रहे रॉबिन सेन स्टेडियम को भी खिलाड़ियों और आम जनता के लिए खोल दिया गया है.
मुख्य मार्ग की बदहाली दूर: मुख्य मार्ग की मरम्मत शुरू
रानीगंज के सबसे व्यस्त मार्ग नेताजी सुभाष बोस रोड (पंजाबी मोड़ से एचडीएफसी बैंक तक) की मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है.यह सड़क नेशनल हाईवे 60 का हिस्सा होने के साथ-साथ आसनसोल नगर निगम के अधीन भी आती है. स्थानीय निवासी सुमित सतनालिका ने बताया की यह रास्ता पिछले काफी समय से बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका था. आए दिन यहाँ दुर्घटनाएं होती थीं और उड़ती धूल से लोग परेशान थे. नगर निगम और बोरो अध्यक्ष से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. सरकार बदलते ही दो दिनों के भीतर काम शुरू होना सुखद आश्चर्य है.
स्टेडियम से हटा 'ताला': खिलाड़ियों के भविष्य को मिली नई उड़ान
वामपंथियों के शासनकाल में निर्मित रॉबिन सेन स्टेडियम, जो पिछले लंबे समय से बंद पड़ा था, अब फिर से गुलजार होने लगा है.शुक्रवार को बड़ी संख्या में फुटबॉल खिलाड़ी अभ्यास करते नजर आए, वहीं मॉर्निंग वॉकर्स ने योग और प्राणायाम किया.
इंडियन फुटबॉल फेडरेशन के सर्टिफाइड कोच ने बताया कि 'स्टेडियम बचाओ कमेटी' के नाम पर कुछ लोगों ने यहाँ स्थानीय खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि रानीगंज के प्रतिभावान खिलाड़ियों को यहाँ अभ्यास करने से वंचित रखा गया, जबकि कथित तौर पर व्यावसायिक लाभ के लिए बाहरी टीमों को अनुमति दी गई थी. कोच ने उम्मीद जताई कि अब रानीगंज की टीम फिर से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाएगी.
खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉकर्स में उत्साह
स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों, जिनमें संतोष ट्रॉफी और 'साई' के प्रतिभागी भी शामिल हैं, ने अपनी खुशी जाहिर की.मॉर्निंग वॉकर्स ने बताया कि पहले उन्हें चोरी-छिपे बेरिकेड के नीचे से झुककर या बैरिकेड लांघकर अंदर जाना पड़ता था, लेकिन अब वे स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं. स्टेडियम परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भगवा झंडे भी लगाए गए हैं, जो क्षेत्र में नई राजनीतिक हवा का संकेत दे रहे हैं.
रानीगंज की जनता इस त्वरित बदलाव को नई सरकार की सक्रियता के रूप में देख रही है. अब लोगों को उम्मीद है कि रुके हुए अन्य विकास कार्य भी इसी गति से पूरे होंगे.



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