जामुड़िया: जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के चुरुलिया स्थित पीडीसीएल कोयला खदान में शनिवार को विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए खदान का घेराव कर दिया. इस दौरान खदान में कोयला उत्पादन और परिवहन का कार्य पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शन में लोदा, तालडांगा, चिचुड़बिल और देशेर मोहन गांवों के बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया.
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबंधन द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से मिट्टी और पत्थर डालकर गांवों के संपर्क मार्गों को बाधित किया जा रहा है.इसके कारण लोगों को दैनिक आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ओपन कास्ट खदान से निकली मिट्टी और पत्थरों के ऊंचे-ऊंचे ढेर पहाड़ का रूप ले चुके हैं, जिससे इलाके में लकड़बग्घों (हायना) का आतंक बढ़ गया है. स्थिति यह है कि लोग दिन में भी डर के कारण घरों से निकलने में असहज महसूस कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय युवाओं को खदान में रोजगार देने, बाहरी लोगों की नियुक्ति बंद करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. आंदोलन के दौरान खदान के मुख्य द्वारों को अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे उत्पादन और परिवहन पूरी तरह बंद हो गया.
घटना की सूचना मिलते ही जामुड़िया थाना अंतर्गत चुरुलिया फाड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया.हालांकि खदान प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

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