रानीगंज -पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के बाद आज रानीगंज के राजनीतिक गलियारों में भारी उत्साह देखा गया.शहर में जहाँ एक ओर भव्य विजय रैली निकाली गई, वहीं दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद ने संवाददाता सम्मेलन कर इसे एक वैचारिक जीत करार दिया.
विजय रैली: रोनाई शरीफ में माफिया के 'अड्डे' पर जड़ा ताला
रानीगंज के रोनाई शरीफ इलाके से भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक विशाल विजय रैली का आयोजन किया.हाथों में पार्टी के झंडे और 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. यह रैली रोनाई शरीफ से शुरू होकर इतवारी मोड़, बड़ा बाजार और मारवाड़ी हॉस्पिटल होते हुए रानीगंज रेलवे स्टेशन पहुँची और पुनः रोनाई शरीफ में आकर संपन्न हुई. भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोनाई शरीफ इलाके में एक कार्यालय पर ताला जड़ दिया. कार्यकर्ताओं का आरोप था कि इस कार्यालय का इस्तेमाल कोयला और बालू माफिया अपने संचालन के लिए करते थे.उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि बंगाल में अब 'माफिया राज' का अंत हो चुका है और अब केवल कानून का राज चलेगा.
विश्व हिंदू परिषद: 'मुगलकाल जैसे अत्याचारों से मिली मुक्ति'
रानीगंज के मारवाड़ी पट्टी इलाके में विश्व हिंदू परिषद द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई.इसमें संगठन के मध्य बंग प्रांत के सह-सचिव मनोज सराफ और शुभम रावत ने कहा कि यह जीत केवल एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हिंदू धर्म को मानने वालों की सामूहिक जीत है.उन्होंने ममता बनर्जी के शासन की तुलना मुगलकाल से करते हुए आरोप लगाया कि हिंदुओं पर हुए अत्याचारों के कारण ही जनता ने घर से निकलकर भाजपा के पक्ष में रिकॉर्ड मतदान किया.जीत के उत्साह के बीच मनोज सराफ ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की पुरजोर अपील की. शुभम रावत ने मुर्शिदाबाद की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती शासन में हिंदू आतंक के साये में थे.उन्होंने आरोप लगाया कि यदि टीएमसी जीतती तो हिंदुओं को फिर से पलायन और अत्याचार का सामना करना पड़ता. रावत ने चुनाव के दौरान हुए 'गुंडाराज' पर भी प्रहार किया, जिसके कारण कई स्थानों पर कड़ी सुरक्षा के बावजूद मतदान प्रभावित हुआ था.
भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और रानीगंज के भाजपा प्रत्याशी की सफलता को दिया.पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी मुस्तैद दिखी, लेकिन जीत का उल्लास शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा.





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