फलता | दक्षिण २४ परगना: पश्चिम बंगाल में चल रहे पुनर्मतदान के बीच दक्षिण २४ परगना का फलता क्षेत्र शनिवार को एक बार फिर अशांत हो गया। क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।
सड़क जाम और बढ़ता जनाक्रोश:
शनिवार सुबह से ही फलता के विभिन्न इलाकों में निवासियों ने मुख्य मार्गों को अवरुद्ध (Road Blockade) कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दूसरे चरण के मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और ईवीएम (EVM) के साथ छेड़छाड़ की गई थी। गुस्साई भीड़ ने टायर जलाकर अपना विरोध जताया और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
ईवीएम को लेकर नया विवाद:
राज्य के १५ अन्य बूथों पर आज पुनर्मतदान चल रहा है, लेकिन फलता में आयोग द्वारा दोबारा मतदान का आदेश न दिए जाने से स्थानीय लोग क्षुब्ध हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि:
वोटिंग के दिन कई मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी की आड़ में वोट लूटे गए।
ईवीएम की सुरक्षा को लेकर नए तथ्य सामने आए हैं, जिनसे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप:
इस प्रदर्शन ने जिले में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है:
भाजपा का रुख: स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि फलता के मतदाताओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया गया है। जब तक यहाँ पुनर्मतदान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
तृणमूल कांग्रेस का पलटवार: दूसरी ओर, टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का दावा है कि भाजपा हार के डर से आम लोगों को ढाल बनाकर जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा बल तैनात:
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए फलता में अतिरिक्त सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और सड़क जाम हटवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण आयोग से लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।
सोमवार को होने वाली मतगणना से ठीक पहले फलता की यह 'अग्निगर्भा' स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

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