जामुड़िया: विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद जामुड़िया क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं. भाजपा की जीत से उत्साहित समर्थकों द्वारा निकाले गए विजय जुलूस के दौरान कई स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों को निशाना बनाया गया, जिससे पूरे अंचल में आतंक का माहौल व्याप्त है.
ईस्ट केंदा: कार्यालय पर कब्जा और तोड़फोड़
न्यू केंदा के ईस्ट केंदा कॉलोनी में भाजपा समर्थकों ने डीजे और अबीर-गुलाल के साथ विजय जुलूस निकाला. आरोप है कि जुलूस जब टीएमसी कार्यालय के पास पहुंचा, तो समर्थक उत्तेजित हो गए और कार्यालय में व्यापक तोड़फोड़ की. उत्तेजित भीड़ ने टीएमसी कार्यालय से उनके झंडे-बैनर फेंक दिए और वहां भाजपा का झंडा लगा दिया. कार्यालय की दीवारों पर लिखे टीएमसी को मिटाकर वहां गेरुआ रंग पोत दिया गया, केंदा फाड़ी प्रभारी मदन मोहन दत्ता ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.
चाकदोला और परसिया: आगजनी से मचा हड़कंप
हिंसा की लपटें जामुड़िया के अन्य हिस्सों तक भी जा पहुंचीं. सोमवार शाम भाजपा समर्थकों ने चाकदोला स्थित टीएमसी कार्यालय पर हमला कर अंदर रखा सारा सामान बाहर सड़क पर फेंक दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली.परसिया कोलियरी में और भी गंभीर हो गई. भाजपा समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने टीएमसी कार्यालय पर धावा बोलने के बाद फर्नीचर और अन्य दस्तावेजों को बाहर निकालकर उनमें आग लगा दी.
वार्ड संख्या 2: पुनिआटी में भी उपद्रव
जामुड़िया के वार्ड नंबर 2 के अंतर्गत पुनिआटी इलाके में भी टीएमसी कार्यालय को निशाना बनाया गया. यहाँ भी तोड़फोड़ के बाद आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। मतगणना के दौरान शुरू हुई यह छिटपुट हिंसा नतीजों के बाद बड़े उपद्रव में बदल गई.
जनता में खौफ का माहौल
लगातार हो रही इन हिंसक घटनाओं के कारण जामुड़िया के आम नागरिकों में भारी डर और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है, हालांकि पुलिस का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है, वहीं विजयी प्रत्याशी डॉ बीजन मुखर्जी का कहना है कि हिंसा की राजनीति में भाजपा विश्वास नहीं रखती,उन्हें इस घटना की जानकारी भी नहीं है, लेकिन चुनावी रंजिश की यह आग फिलहाल शांत होती नहीं दिख रही.


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