आसनसोल- पश्चिम बर्द्धमान जिले में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन अब 'पोस्ट-पोल' हिंसा को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। बुधवार को जिला शासक (DM) एस. पोन्नबलम और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर (CP) डॉ. प्रणव कुमार ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
जिला शासक एस. पोन्नबलम ने बताया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान के बाद की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा की चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं और इस शांति को बरकरार रखना हमारी प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन आयोग के हर निर्देश का पालन कर रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति हुड़दंग या हिंसा के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब तक 200 से अधिक गिरफ्तारियां
पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई शुरू कर चुकी है। उन्होंने मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया.
गिरफ्तारी: अशांति फैलाने के आरोप में अब तक जिले के विभिन्न हिस्सों से 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कार्यालयों की सुरक्षा: पुलिस कमिश्नर ने सख्त चेतावनी दी कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यालय या सरकारी कार्यालय की 'पूर्व स्थिति' (Status Quo) बदलने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
सख्त निर्देश: यदि कोई किसी कार्यालय पर कब्जा करने या तोड़फोड़ करने का प्रयास करता है, तो पुलिस बिना किसी पक्षपात के कठोर कदम उठाएगी।
शांति बहाली के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
संवाददाता सम्मेलन के दौरान अधिकारियों ने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को तैयार रखा गया है।
जिले के विभिन्न इलाकों से फिलहाल शांति की खबरें आ रही हैं, लेकिन प्रशासन की यह सख्ती भविष्य में किसी भी संभावित टकराव को रोकने की एक बड़ी कवायद मानी जा रही है।

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