रानीगंज: पश्चिम बंगाल मारवाड़ी महिला सम्मेलन की रानीगंज शाखा द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. रविवार को रानीगंज स्थित नंदलाल जालान फाउंडेशन के कार्यालय में मार्शल आर्ट और मेहंदी प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया गया. यह पहल महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाने बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा दो वर्ष पूर्व महिलाओं के लिए सिलाई और ब्यूटीशियन कोर्स की शुरुआत की गई थी, जिसे काफी सफलता मिली.अब महिलाओं के कौशल को और निखारने के लिए इसमें मार्शल आर्ट और मेहंदी प्रशिक्षण को भी जोड़ दिया गया है
इस उद्घाटन समारोह में शहर की कई गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें मुख्य रूप से विशिष्ट समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद खैतान,टीडीबी कॉलेज के प्रोफेसर, उर्दू विभाग डॉ साबरा हीना खातून,डॉ. निरापद मंडल अध्यक्ष, विवेकानंद सेवा केंद्र, संस्था के प्रदेश अध्यक्ष,रश्मि सतनालीका, सचिव रीना खेतान एवं नंदलाल जालान फाउंडेशन के पदाधिकारी श्रवण तोदी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद खेतान ने कहा कि मारवाड़ी महिला सम्मेलन का निरंतर यह प्रयास रहता है कि महिलाएं समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाएं.उन्होंने विशेष रूप से मेहंदी प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा की रानीगंज में कुशल मेहंदी कलाकारों की काफी कमी है, जबकि मांग हमेशा बनी रहती है. इस प्रशिक्षण के जरिए महिलाएं पारंगत होकर शादी-ब्याह व अन्य आयोजनों में रोजगार पा सकेंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी.
आयोजन के दौरान मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग को महिलाओं की सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया गया. इसके साथ ही कार्यक्रम में कई नए प्रस्ताव भी सामने आए हैं, जिन पर आने वाले समय में विचार कर उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया गया है.सम्मेलन की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि सतनालिका और सचिव रीना खेतान ने विश्वास जताया कि ये नए कोर्स महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे.






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