जामुड़िया-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान से महज दो दिन पहले जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है. मंगलवार को भाजपा उम्मीदवार डॉ. बिजन मुखर्जी के खिलाफ क्षेत्र में विवादास्पद पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया. चांदा से जामुड़िया जाने वाली सड़क पर ए.बी. पिट और केदूलिया मोड़ के बीच प्लास्टिक की जाली पर चिपकाए गए इन गुमनाम पोस्टरों में डॉ. मुखर्जी के चरित्र पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
सड़क किनारे लगे इन पोस्टरों में डॉ. बिजन मुखर्जी को "रेपिस्ट" (बलात्कारी) बताते हुए मतदाताओं से उन्हें वोट न देने की अपील की गई है. लाल और नीली स्याही से लिखे गए इन पोस्टरों में दावा किया गया है कि वर्ष 2006 में डॉ. मुखर्जी ने अपने घर में काम करने वाली सहायिका के साथ दुष्कर्म किया था. पोस्टर के अनुसार, 2006 की दुर्गा पूजा की अष्टमी के दिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने भी पहुंची थी, लेकिन बाद में पैसों के लेनदेन और आपसी समझौते के जरिए मामले को रफा-दफा कर दिया गया.
दूसरी और डॉ. बिजन मुखर्जी इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रत्याशी डॉ. बिजन मुखर्जी ने इसे विपक्ष की हताशा बताया.उन्होंने कहा, किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी उसका चरित्र होता है. तृणमूल कांग्रेस अपनी हार सुनिश्चित देख अब ओछी राजनीति और झूठे दुष्प्रचार पर उतर आई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस समय की घटना का जिक्र किया गया है, वे वहां मौजूद ही नहीं थे और उनके खिलाफ कभी कोई कानूनी शिकायत दर्ज नहीं हुई है.
वहीं टीएमसी उम्मीदवार हरेराम सिंह ने इन पोस्टरों से पार्टी का किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, भाजपा प्रत्याशी को रात में भी केवल टीएमसी ही नजर आती है. हार के डर से उनकी नींद उड़ गई है, इसलिए वे हर बात के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. वे पहले रानीगंज में हारे थे और अब जामुड़िया की जनता उन्हें सबक सिखाएगी.
फिलहाल, मतदान से ठीक पहले आए इन संगीन आरोपों ने जामुड़िया के चुनावी समीकरणों को गरमा दिया है. स्थानीय प्रशासन मामले की निगरानी कर रहा है, जबकि मतदाता इस 'पोस्टर वार' को लेकर असमंजस में हैं.


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