रानीगंज: पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव का सीधा असर अब रानीगंज की रसोई पर दिखने लगा है. वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से स्थानीय गैस एजेंसियों में सिलेंडरों का अकाल पड़ गया है. रानीगंज बस स्टैंड स्थित एचपी गैस एजेंसी में पिछले कई दिनों से आपूर्ति ठप है, जिसके चलते सोमवार को ग्राहकों को एजेंसी के बंद दरवाजे और उस पर चिपके दो नोटिसों से संतोष करना पड़ा.
एजेंसी पर जड़ा ताला, नोटिस देख भड़के ग्राहक
जब दूर-दराज से आए उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें कार्यालय बंद मिला. दरवाजे पर दो अलग-अलग नोटिस चस्पा थे. नोटिस में स्पष्ट लिखा था कि सिलेंडर की रसीद (आपूर्ति) न होने के कारण कार्यालय बंद रखा गया है। आपूर्ति बहाल होते ही सेवाएं शुरू होंगी. दूसरे नोटिस में ग्राहकों को अपना केवाईसी अपडेट कराने को कहा गया था.
गैस की किल्लत और ऊपर से केवाईसी की अनिवार्यता ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है. मौके पर मौजूद ग्राहकों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वे कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सिलेंडर मिलने के बजाय उन्हें नई-नई शर्तों और बंद दफ्तरों का सामना करना पड़ रहा है
आक्रोशित ग्राहकों के डर से बंद किया दफ्तर
इस संकटपूर्ण स्थिति पर गैस एजेंसी के मालिक मिलन कांति मंडल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध की स्थिति के कारण डिपो से ही सिलेंडरों की किल्लत चल रही है. उन्होंने बताया की ग्राहकों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया है कि वे एजेंसी आकर गाली-गलौज और आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं. उन्हें युद्ध और वैश्विक किल्लत की बात समझाना मुश्किल हो रहा है. कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल कार्यालय बंद करने का कठिन फैसला लेना पड़ा.
पैनिक बुकिंग न करें, घर आकर होगा केवाईसी: मिलन मंडल
एजेंसी मालिक ने ग्राहकों से अपील करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है. एजेंसी के कर्मचारी खुद ग्राहकों के घर जाकर केवाईसी अपडेट करेंगे.विभागीय आदेशानुसार केवाईसी, बुकिंग और ओटीपी के बिना आपूर्ति संभव नहीं है. मिलन मंडल ने कहा कि कुछ लोग डर के मारे अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने के लिए 'पैनिक बुकिंग' कर रहे हैं, जिससे डिपो पर बोझ बढ़ रहा है.नए नियम के तहत अब गैस की बुकिंग 25 दिनों के अंतराल पर ही होगी और बुकिंग के 10 से 12 दिनों के भीतर सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर युद्ध के कारण आपूर्ति लंबी अवधि तक बाधित रहती है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है. ग्राहकों ने मांग की है कि प्रशासन और कंपनी इस दिशा में पारदर्शी कदम उठाए ताकि आम जनता को कालाबाजारी या किल्लत का सामना न करना पड़े.


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