रानीगंज में नगर निगम के दावों की खुली पोल: एक घंटे की बारिश में अस्पताल और दुकानें जलमग्न, सड़कों पर बहा नाली का गंदा पानी



रानीगंज-कोयला खनि शहर रानीगंज में बुधवार रात हुई महज एक घंटे की बारिश ने नगर निगम की जल-निकासी व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है. मानसून से पहले की इस बारिश ने ही शहर के मुख्य बाजार और व्यस्ततम इलाकों को दरिया में बदल दिया, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है.



अस्पताल के भीतर घुसा पानी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

शहर के हृदय स्थल नेताजी स्टैच्यू के पास स्थित मारवाड़ी रिलीफ सोसाइटी अस्पताल की स्थिति सबसे दयनीय रही. अस्पताल के संयुक्त सचिव राजेन्द्र प्रसाद खैतान ने बताया कि अस्पताल परिसर में घुटनों तक गंदा पानी भर गया है.उन्होंने चिंता जताई कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी अव्यवस्था मरीजों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा प्रभाव डाल रही है. उन्होंने इस संबंध में बोरो चेयरमैन को भी अवगत कराया है.



व्यापारियों का फूटा गुस्सा: "गंदे पानी में खड़े होकर बेच रहे सामान"

सड़कों पर जमा नाली के गंदे पानी और कीचड़ ने स्थानीय दुकानदारों का व्यापार ठप कर दिया है.उज्ज्वल कुमार (फल विक्रेता) और मोहन कुमार (फूल विक्रेता) ने बताया कि अस्पताल के पास की नालियां कचरे से पूरी तरह पटी हुई हैं. नगर निगम द्वारा नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी दुकानों में घुस रहा है.व्यापारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद केवल आश्वासन मिलता है, ठोस कार्रवाई नहीं.


प्रमुख मार्ग और नेशनल हाईवे प्रभावित

बारिश का पानी केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एतवारी मोड़, हाटतला मोड़ और बड़ाबाजार की नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 60 तक पहुँच गया. इसके अलावा नेताजी सुभाष बोस रोड स्तिथ डॉल्फिन मैदान और रानीगंज बोरो कार्यालय के समीप सड़कें तालाब बन गईं.पंजाबी मोड़ में अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम तो बना, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई, जिससे अब वहाँ खतरनाक गड्ढे बन गए हैं.


अधिकारी का पक्ष: मेन ड्रेन जाम होना है बड़ी वजह

जलजमाव और जनता की शिकायतों पर बोरो चेयरमैन मोजम्मिल शहजादा ने सफाई देते हुए कहा कि स्थानीय नालियां जिस 'हाई ड्रेन' (मुख्य नाले) में मिलती हैं, वह फिलहाल जाम है.उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्य नाले की तत्काल सफाई कराई जाएगी और जल-निकासी व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे.

 प्रशासन के आश्वासन के बावजूद स्थानीय जनता में संशय बरकरार है. अब देखना यह है कि क्या नगर निगम इन नालों को कचरा मुक्त कर पाता है या रानीगंज की जनता ऐसे ही नरकीय स्थिति में रहने को मजबूर रहेगी.

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