रानीगंज: दामोदर नदी से हो रहे अनियंत्रित बालू खनन, क्षेत्र में पनप रहे असामाजिक माहौल और आगामी विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता को लेकर सीपीएम रानीगंज एरिया कमेटी ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने लाल झंडों के साथ जुलूस निकाला और राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.प्रदर्शन के पश्चात कार्यकर्ताओं ने बल्लभपुर पुलिस फाड़ी का घेराव किया और पुलिस अधिकारियों को 7 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा.
अवैज्ञानिक खनन से गहराया जल संकट
प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि बल्लभपुर, एगरा और दामोदर नदी के तटीय इलाकों में माफिया तंत्र सक्रिय है.पुलिस की कथित मिलीभगत से अवैज्ञानिक और अनियोजित तरीके से बड़े-बड़े मशीनों द्वारा बालू का उठाव किया जा रहा है. इस अंधाधुंध खनन के कारण नदी का जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर रहा है. स्थानीय निवासियों को भविष्य में गंभीर जल संकट का डर सता रहा है, जिससे इलाके में भारी आक्रोश है.
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
सीपीएम नेताओं—सुप्रियो राय, हेमंत प्रभार, मलय मंडल और शाश्वती मित्रा—ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर हमला बोला.उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम कर रही है.एक तरफ असामाजिक तत्व खुलेआम घूम रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वामपंथी कार्यकर्ताओं पर धारा 107 लगाकर उनके लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने की साजिश रची जा रही है पुलिस का डर दिखाकर हमें चुप नहीं कराया जा सकता.
प्रमुख मांगें और आरोप
पार्टी ने ज्ञापन में मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया जिनमे नदी को बचाने के लिए तुरंत खनन पर रोक लगाई जाए. नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि महिला मुख्यमंत्री के राज में भी बल्लभपुर जैसे क्षेत्रों में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. इलाके में खुलेआम चल रहे अवैध शराब और जुए के अड्डों को बंद किया जाए.आगामी विधानसभा चुनाव में पुलिस को अपनी वर्दी की गरिमा बनाए रखते हुए स्वतंत्र और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना होगा.
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी नहीं हुई और अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र होगा. इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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