जामुड़िया -जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तपसी ग्राम पंचायत में जिला परिषद के फंड से 'पथश्री' योजना के तहत बनाई जा रही सड़क अब विवादों के घेरे में आ गई है.लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क को लेकर स्थानीय निवासी राजू मंडल ने मोर्चा खोल दिया है. उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी निजी जमीन पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य कर रहा है.
निजी जमीन पर निर्माण का आरोप
राजू मंडल ने जामुड़िया बीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई है. मंडल का कहना है कि दाग नंबर 909 पर स्थित जमीन उनकी निजी संपत्ति है, जिस पर जिला परिषद बिना किसी सहमति के सड़क बनवा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि, "मैं विकास या सड़क निर्माण का विरोधी नहीं हूँ, लेकिन सरकारी काम सरकारी जमीन पर ही होना चाहिए. जिस जगह रास्ता बनाया जा रहा है, वहां पहले से ही एक कंक्रीट सड़क मौजूद है. बरसात में वहां जलजमाव की समस्या होती है, जिस पर प्रशासन का ध्यान नहीं है, बल्कि मेरी जमीन पर कब्जा कर नया रास्ता बनाया जा रहा है.
ग्रामीणों और पंचायत ने आरोपों को नकारा
एक ओर जहां राजू मंडल इस निर्माण को अवैध बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुनुस्तोड़िया ग्राम के निवासी और पंचायत प्रशासन इन दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं.ग्रामीणों में स्थानीय निवासी समीरान मंडल ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए 20 फीट चौड़ाई का विधिवत सर्वेक्षण कराया गया है. उनके अनुसार, निर्माण पूरी तरह से सरकारी भूमि पर हो रहा है और यह सड़क पूरे इलाके के जनहित के लिए जरूरी है,वहीं तपसी ग्राम पंचायत की प्रधान बिना पानी बाउरी ने स्पष्ट किया कि यह प्रोजेक्ट जिला परिषद का है.उन्होंने कहा, "सभी आवश्यक जांच-पड़ताल और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ही काम शुरू किया गया है.किसी की भी निजी जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है.
आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद सड़क का निर्माण कार्य फिलहाल जारी है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन राजू मंडल के दावों की जांच के लिए क्या कदम उठाता है या फिर यह विकास कार्य इसी तरह विवादों के बीच पूरा किया जाएगा.



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