भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप, रानीगंज विधायक तापस बनर्जी बोले- "दस्तावेज चुराने की साजिश"
रानीगंज-कोलकाता स्थित टीएमसी की चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक के मुख्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी भूचाल आ गया है. इस कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में टीएमसी ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. कोयला घोटाले के नाम पर की गई इस कार्रवाई को टीएमसी ने 'चुनावी प्रतिशोध' करार दिया है.
रानीगंज: इतवारी मोड़ से नेताजी मोड़ तक गरजे टीएमसी
रानीगंज टाउन टीएमसी की ओर से एक विरोध रैली निकाली गई.रैली की शुरुआत इतवारी मोड़ से हुई, जो सी.आर. रोड होते हुए नेताजी मोड़ तक पहुंची, जहां एक जनसभा का आयोजन किया गया. रैली का नेतृत्व कर रहे रानीगंज विधायक तापस बनर्जी ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला.
विधायक तापस बनर्जी ने कहा कीआईपैक हमारी रणनीतिकार संस्था है. भाजपा ईडी का इस्तेमाल कर हमारे गोपनीय चुनावी दस्तावेजों पर कब्जा करना चाहती है. लोकतंत्र को इस तरह कुचलने का प्रयास पहले कभी नहीं हुआ. वहीं, पार्षद रूपेश यादव ने टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह मामला पुराना है, तो चुनाव से ठीक पहले ही रेड क्यों? यह साफ तौर पर टीएमसी की रणनीति जानने और नेताओं को डराने का प्रयास है.
सभा में जिला नेता व पार्षद रूपेश यादव, टाउन अध्यक्ष रणजीत सिंह (ज्योति सिंह), पार्षद अख्तरी खातून, नेहा साव और युवा टीएमसी अध्यक्ष शुभो भट्टाचार्य समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.
आसनसोल दक्षिण: 'राजनीतिक हार के डर से एजेंसियों का सहारा ले रही भाजपा'
दूसरी ओर, आसनसोल दक्षिण तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया.बाँसतला मोड़ से बल्लभपुर मोड़ तक एक विरोध जुलूस निकाला गया.
विरोध सभा को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष देवनारायण दास और जिला परिषद नेता सुबीर बनर्जी ने कहा कि भाजपा राजनीतिक रूप से टीएमसी का सामना करने में असमर्थ है. इसलिए वह आईपैक जैसी संस्थाओं को निशाना बना रही है. नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए टीएमसी का मनोबल तोड़ने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी और जनता इसका जवाब चुनाव में देगी.


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