भाजपा ने लगाया तृणमूल पर 'गुंडागर्दी' का आरोप, टीएमसी ने कहा- 'गाली-गलौज' करने पर किया बाहर
रानीगंज-मतदाता सूची के संशोधन (फॉर्म 7) की प्रक्रिया के दौरान रानीगंज बीडीओ आफिस परिसर में सियासी घमासान देखने को मिला. भाजपा युवा मोर्चा के नेता अभिक मंडल ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर मारपीट और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है. इस घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है.
क्या है पूरा विवाद?
बताया जा रहा है कि भाजपा युवा नेता अभिक मंडल के नाम पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा 'फॉर्म 7' (नाम कटवाने या आपत्ति दर्ज करने हेतु) जमा किया गया था.इसी सिलसिले में शुक्रवार को सुनवाई के लिए अभिक मंडल को रानीगंज बीडीओ कार्यलय बुलाया गया था. अभिक मंडल का आरोप है कि जब उन्हें टोकन मिला और वे सुनवाई के लिए एस.आई.आर. की लाइन में लगे थे, तभी तृणमूल के ब्लॉक इलेक्टोरल ऑब्जर्वर प्रदीप मुखर्जी और एगारा पंचायत सदस्य विवेक मंडल ने उन पर हमला कर दिया और मारपीट की.
भाजपा का आरोप: बदनाम करने की साजिश
अभिक मंडल ने घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे वैध तरीके से सुनवाई के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां मौजूद तृणमूल के गुंडों ने मुझ पर हमला किया और बाद में वीडियो वायरल कर मुझे ही बदनाम करने की कोशिश की. असल में तृणमूल हार के डर से इस तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रही है. भाजपा नेतृत्व को इस मामले की पूरी जानकारी दे दी गई है.
तृणमूल कांग्रेस की सफाई
दूसरी ओर, आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तृणमूल के ब्लॉक इलेक्टोरल ऑब्जर्वर प्रदीप मुखर्जी ने कहा कि मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है.उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, अभिक मंडल ने केंद्र पर आकर हमारे साथ और वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ अभद्र भाषा में गाली-गलौज की. माहौल खराब होता देख उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया गया.
मतदाता पुनरीक्षण जैसी प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान हुई इस झड़प ने एक बार फिर जिले में चुनावी रंजिश को उजागर कर दिया है.प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है.

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