रानीगंज- मानवता की सेवा के संकल्प के साथ रानीगंज में बुधवार से पाँच दिवसीय नि:शुल्क आर्टिफिशियल लिंब्स ,कैलिपर, हैंड्स (कृत्रिम अंग) शिविर का आगाज हुआ. नंदलाल जालान फाउंडेशन (रानीगंज) और साहस एनजीओ (दुर्गापुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कैंप को महावीर सेवा सदन, कोलकाता का तकनीकी सहयोग प्राप्त है. शिविर में दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर, कैलीपर्स और मोल्डेड शूज नि:शुल्क प्रदान किए जा रहे हैं.
भारी मांग के कारण समय से पहले शुरुआत
कार्यक्रम के प्रोजेक्ट चेयरमैन अरुण भारतीया ने बताया कि पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार यह शिविर कल से शुरू होना था, लेकिन कृत्रिम अंगों की अत्यधिक मांग और दूर-दराज से आए लोगों की सुविधा को देखते हुए इसे आज से ही शुरू कर दिया गया. उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य प्रतिदिन लगभग 30 लोगों को कृत्रिम अंग और पोलियो ग्रस्त मरीजों को मोल्डेड शूज उपलब्ध कराना है. रानीगंज के अलावा अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी कुल 150 लोगों ने पंजीकरण कराया है.
निशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था
शिविर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए रहने तथा भोजन का भी निशुल्क इंतजाम किया गया है सेवा की भावना को सर्वोपरि रखते हुए आयोजकों ने सुनिश्चित किया है कि किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो.
व्हीलचेयर के लिए आरपी खेतान से करें संपर्क
प्रसिद्ध समाजसेवी आरपी खेतान ने बताया कि यद्यपि इस कैंप में व्हीलचेयर का वितरण नहीं हो रहा है, लेकिन जिन लोगों को इसकी आवश्यकता है, वे उनके पास आवेदन जमा कर सकते हैं. समय आने पर उनके लिए व्हीलचेयर की अलग से व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने लक्ष्य के बारे में कहा, हमने 150 लोगों का लक्ष्य रखा है, लेकिन यदि आवेदकों की संख्या बढ़ती है, तो भी घबराने की बात नहीं है.हम अतिरिक्त लोगों के लिए भी कृत्रिम अंगों का प्रबंध करेंगे.
उद्घाटन समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के विशिष्ट लोग शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं सुब्रतानंद जी महाराज (विवेकानंद सेवा केंद्र,रानीगंज),समाजसेवी ओमप्रकाश बाजोरिया,कैलाश मंडल (डायरेक्टर, दुर्गापुर एयरपोर्ट),गौतम घटक (अध्यक्ष, रानीगंज सिटीजंस फोरम) शंभू जाजोदिया और मधुमिता जाजोदिया,ललित कयाल (साहस संस्था,दुर्गापुर) संदीप सोमानी (सचिव, क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन,रानीगंज ),संदीप झुनझुनवाला (सचिव, फास्बेक्की)बलराम रॉय (रानीगंज ज्वेलरी एसोसिएशन), डॉ. साबरा खातून आदि.
यह शिविर अगले पाँच दिनों तक निरंतर जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में नई मुस्कान लाना है.
शिविर के प्रोजेक्ट चैयरमेन श्रवण तोदी और अरुण भरतिया है.



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