रानीगज: कहते हैं अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है. रानीगंज पुलिस ने एक 'बनियान' (गंजी) और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पश्चिम बंगाल के एक ऐसे बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 350 किलोमीटर दूर से आकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था.
29 में से 23 केस सॉल्व: इंस्पेक्टर विकास दत्त की 'स्पेशल स्ट्राइक'
नए साल के पहले ही सप्ताह में रानीगंज थाना प्रभारी बिकाश दत्ता के नेतृत्व में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. क्षेत्र में हुई कुल 29 चोरियों में से 23 मामलों को पुलिस ने सुलझा लिया है.इनमें सबसे बड़ी कामयाबी बीते वर्ष पूर्व जगन्नाथ गार्डन स्थित पाम आयल के व्यापारी उमेश डोकानिया की दुकान से हुई 20 लाख रुपये की 'सलामी' चोरी का खुलासा होना है.
कैसे फंसा शातिर अशराफुल?
23 अक्टूबर 2025 को रानीगंज कालीतला में समिरन कुंडू के घर हुई चोरी ने पुलिस को अहम सुराग दिए. सीसीटीवी में आरोपी एक खास किस्म की बनियान पहने नजर आया.पुलिस ने इस तस्वीर को पूरे राज्य के थानों में भेजा, जिसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ती गई. पुलिस ने उत्तर 24 परगना के अशोकनगर से अशराफुल मंडल (30 वर्ष) को धर दबोचा.
शॉर्टकट से अमीर बनने की सनक और जुए की लत
मीडिया के सामने पेश होने पर आरोपी अशराफुल ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए.
जुए में उड़ाए पैसे: आरोपी को जुआ खेलने की लत थी. उसने स्वीकार किया कि 20 लाख और अन्य चोरियों से मिले पैसे उसने जुए में हार दिए.
30 से अधिक वारदातें: आरोपी बंगाल के अलग-अलग जिलों में 30 से ज्यादा चोरियों को अंजाम दे चुका है.
रिसीवर भी गिरफ्तार: अशराफुल की निशानदेही पर चोरी के गहने खरीदने वाले देगंगा निवासी नजीमुल मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस की तत्परता को जनता ने सराहा
उमेश डोकानिया की दुकान में हुई 20 लाख की चोरी पुलिस के लिए एक 'ब्लाइंड केस' बन चुकी थी, लेकिन बिकाश दत्ता की टीम ने हार नहीं मानी. 13 लाख और 20 लाख की बड़ी चोरियों से लेकर छोटी वारदातों तक, पुलिस की सक्रियता ने स्थानीय नागरिकों का भरोसा जीत लिया है.
थाना प्रभारी विकास दत्ता ने कहा की"हमारा लक्ष्य अपराध मुक्त रानीगंज है. फिलहाल पंजाबी मोड़ और निमचा इलाके की कुछ छोटी चोरियों की जांच जारी है, जल्द ही उनका भी खुलासा होगा.




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