रानीगंज-आसनसोल-दुर्गापुर शिल्प़ांचल के कद्दावर भाजपा नेता और पार्टी के स्तंभ माने जाने वाले अमरनाथ केशरी का बुधवार देर रात निधन हो गया. 87 वर्षीय केशरी पिछले 15 दिन से अस्वस्थ चल रहे थे.उन्होंने दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में रात करीब 2 बजे अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है.वह अपने पीछे 4 पुत्र एक पुत्री सह पूरा परिवार छोड़ गए.
एक समर्पित राजनीतिक जीवन
अमरनाथ केशरी अपनी बेदाग छवि और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा को समर्पित कर दिया.उनके कार्यकाल में पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ,मुरली मनोहर जोशी ,लाल कृष्ण आडवाणी,मुख्तार अब्बास नकवी,शाहनवाज हुसैन जैसे कद्दावर नेताओं का असगमन रानीगंज में हुआ था. हाल ही में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने रानीगंज स्थित उनके आवास पर जाकर उनका कुशलक्षेम जाना था.
पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा
केशरी के राजनीतिक सफर की सबसे बड़ी विशेषता उनकी पार्टी के प्रति वफादारी रही. उन्होंने कभी भी 'दल-बदल' की राजनीति को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. पार्टी ने उन्हें जब भी जो जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने उसे पूरी ईमानदारी से निभाया.वे समय-समय पर आसनसोल लोकसभा और रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार रहे.पार्टी के निर्देश पर उन्होंने नगरपालिका चुनाव भी लड़ा और संगठन के विभिन्न पदों का दायित्व संभाला.
अमरनाथ केशरी ने एक समय में केंद्र की तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार और राज्य की तत्कालीन वामपंथी सरकार, दोनों के खिलाफ समानांतर रूप से वैचारिक और जमीनी लड़ाई लड़ी. उनके निधन पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान से आरम्भ हो कर शहर की परिक्रमा कर मेजिया स्तिथ दामोदर नदी में अंतिम संस्कार की जाएगी.


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