रानीगंज: अखिल भारतीय कोऑपरेटिव सप्ताह (14 से 20 नवंबर) के तहत, बुधवार को रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने 'विकसित भारत के निर्माण में कोऑपरेटिव बैंकों की भूमिका' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए.
रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन संदीप भालोटीया ने बताया कि इस परिचर्चा का आयोजन हर साल होने वाले कार्यक्रम के हिस्से के रूप में किया गया है.पांडेश्वर विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती (चेयरमैन, कोऑपरेटिव स्टैंडिंग कमेटी) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.उन्होंने कॉपरेटिव आंदोलन को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया.उन्होंने कहा कि कॉपरेटिव बैंक जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.उन्होंने यह भी कहा कि जिलों के विभाजन के बाद अब स्थितियां सुधर रही हैं, और कॉपरेटिव बैंकों की भूमिका इसमें सहायक है.एआरसी के विभागीय प्रधान त्रिदीव मंडल और एमएमआईसी दिव्येंदु भगत भी मौजूद थे.त्रिदीव मंडल ने कहा कि कॉपरेटिव आंदोलन जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बन सकता है, बशर्ते इसे जन-जन तक पहुंचाया जाए.दिव्येंदु भगत ने कहा कि कॉपरेटिव बैंक सही मायने में आर्थिक सशक्तिकरण करते हैं क्योंकि ग्राहक ही बैंक के संचालन में भूमिका निभाते हैं, इसलिए इस आंदोलन को आगे बढ़ाना आवश्यक है.
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कॉपरेटिव बैंक ग्रामीण और जमीनी स्तर पर लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.










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