बांकुडा-बांकुड़ा के उप नगरपालिका अध्यक्ष से लेकर एक के बाद एक वार्ड पार्षदों के पास लगातार फर्जी फोन आ रहे हैं। ये कॉल उप नगरपालिका अध्यक्ष के मोबाइल पर भी आए। फोन करने वाला कभी खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताता, तो कभी विधाननगर स्थित किसी जांच एजेंसी का अधिकारी। फोन पर दावा किया गया कि दिल्ली विस्फोट मामले की जांच में जिन सिम कार्डों को बरामद किया गया है, वे इन पार्षदों के नाम पर दर्ज हैं। इस घटना से बांकुड़ा नगरपालिका के अंदर हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर चिंतित उपनगरपालिका अध्यक्ष सहित सभी पार्षद साइबर क्राइम थाना पहुंचे।
पुलिस की लगातार जागरूकता और प्रचार अभियानों के बावजूद साइबर ठगों पर लगाम लगाना मुश्किल होता जा रहा है। ठग हर दिन नए-नए तरीके अपनाकर आम लोगों की जमा-पूंजी हड़प रहे हैं। अब बांकुड़ा नगरपालिका के उप-उपमुख्य और कई पार्षद साइबर ठगों के निशाने पर आ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, कल सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपनगरपालिका अध्यक्ष हीरालाल चट्टराज, वार्ड 3 की पार्षद झिलिक दत्ता, वार्ड 8 की पार्षद ममता बागदी, वार्ड 23 की पार्षद इतु दास और वार्ड 7 के पार्षद दिलीप अग्रवाल के मोबाइल पर अलग-अलग अंजान नंबरों से कॉल आए। कॉल रिसीव करते ही ठग खुद को कभी दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी, तो कभी कोलकाता के विधाननगर में स्थित किसी जांच कार्यालय का अफसर बताकर कहते कि दिल्ली विस्फोटक मामले में बरामद सिम कार्ड इन्हीं पार्षदों के नाम पर दर्ज हैं।
शुरू में इस तरह की बात सुनकर पार्षद कुछ देर के लिए घबरा गए, लेकिन थोड़ी ही देर में उन्हें समझ में आ गया कि यह एक फर्जी कॉल है और उन्हें ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही है। बात समझते ही सभी ने तुरंत फोन काट दिया। बाद में सभी पार्षदों ने अलग-अलग जाकर बांकुड़ा साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।



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