पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल; पीड़ित परिवार ने आरोपी अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की
बाँकुड़ा: बाँकुड़ा जिले के रानीबांध थाने में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पुलिस अधिकारी पर अपने घरेलू सहायक को 'चोरी' के झूठे आरोप में पीटने और उसकी बहन से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद उपजे व्यापक विरोध और सड़क जाम के चलते, बाँकुड़ा जिला पुलिस ने आरोपी अधिकारी को क्लोज अर्थात Police Line स्थानांतरित) कर दिया है, जबकि विरोध प्रदर्शन में शामिल 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप:
गत गुरुवार को रानीबांध थाने के मेजोबाबू शुभम राय चौधरी के खिलाफ यह आरोप लगा कि उन्होंने घरेलू सहायक सजल सहिस को पैसे चोरी करने के बहाने अपने घर में बार-बार रोककर बुरी तरह पीटा। इसके साथ ही, अधिकारी पर यह भी आरोप है कि उन्होंने नौकर के घर छापा मारकर जबरन नकदी और गहने छीन लिए। जब नौकर की बहन ने इसका विरोध किया, तो पुलिस अधिकारी ने उससे छेड़छाड़ की और अभद्र प्रस्ताव दिया।
विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई:
इस घटना के विरोध में शुक्रवार शाम 7 बजे से रानीबांध के खुदीराम स्टैच्यू मोड़ पर स्थानीय लोगों ने सड़कों पर टायर जलाकर और जाम लगाकर विरोध शुरू कर दिया। शनिवार सुबह 10 बजे से विरोध और तेज हो गया।
लाठीचार्ज: शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे, पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और इस दौरान 18 लोगों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी: रविवार को इन 18 लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सड़क जाम करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर खतड़ा महकमा अदालत में पेश किया गया।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल:
धृत लोगों के परिवारों ने पुलिस की भूमिका की कड़ी आलोचना की है। उनका आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार करने के बजाय, घटना का विरोध करने वाले निर्दोष लोगों को पकड़कर असली मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। कुछ परिवारों ने दावा किया कि जो लोग विरोध में शामिल नहीं थे, उन्हें भी पुलिस ने उठा लिया।
आरोपी अधिकारी क्लोज, जाँच शुरू:
पीड़ित परिवार द्वारा कोई लिखित शिकायत दर्ज न होने के बावजूद, बाँकुड़ा जिला पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए (Suo Motu) जाँच शुरू कर दी है।
पदाधिकारी को क्लोज: जाँच को प्रभावित होने से रोकने के लिए, आरोपी पुलिस अधिकारी शुभम राय चौधरी को रानीबांध थाने से बाँकुड़ा पुलिस लाइन में क्लोज कर दिया गया है।
रिपोर्ट तलब: खतड़ा के एसडीपीओ (SDPO) को 3 दिनों के भीतर पूरे मामले की जाँच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, पीड़ित परिवार अपनी माँग पर अड़ा हुआ है कि केवल क्लोज करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आरोपी पुलिस अधिकारी को तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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