रानीगंज: रानीगंज के ऐतिहासिक सीआरसोल राजबाड़ी के रथ मेले की जमीन पर स्थायी दुकानें बनाए जाने को लेकर विवाद छिड़ गया है.इस मुद्दे पर रानीगंज रथ मेला बचाओ कमेटी, सीआरसोल स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन (एसएससीए क्लब) और स्थानीय निवासियों ने मिलकर एक विरोध रैली निकाली.उनका आरोप है कि 25 अगस्त, 2025 के बाद से मेले की जमीन पर अस्थायी दुकानों को स्थायी दुकानों में बदला जा रहा है, जिससे मेले के अस्तित्व को खतरा है.
विरोध करने वालों का पक्ष
एसएससीए क्लब से जुड़े सुनंद मुखर्जी ने विरोध का नेतृत्व करते हुए कहा कि उनका क्लब 1995 से मेले के आयोजन से जुड़ा है और वे इसे खत्म नहीं होने देंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अवैध रूप से दुकानदारों को बैठा रहे हैं, जिसे रोकने के लिए वे आंदोलन करेंगे.मुखर्जी ने दावा किया कि रानीगंज विधायक तापस बनर्जी ने भी उनका समर्थन किया है. स्थानीय लोगों ने यह भी चिंता जताई कि स्थायी दुकानें बनने से सीआरसोल गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं को आने-जाने में असुविधा होगी.
राजबाड़ी परिवार का पक्ष
वहीं, सीआरसोल राजबाड़ी की सदस्य अनुराधा मालिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रथ मेला और उसकी जमीन राजपरिवार की संपत्ति है. उन्होंने कहा कि उन्हें जमीन का उपयोग तय करने का पूरा अधिकार है. मालिया ने आरोप लगाया कि एसएससीए सिर्फ पैसे कमाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और क्लब के भवन का उपयोग गरीबों के सामाजिक कार्यों के लिए भी पैसे लेकर किया जा रहा है, जिससे उन्हें हर साल लाखों की आय होती है. मालिया ने धमकी भरे लहजे में कहा कि राजपरिवार क्लब को दी गई जमीन भी वापस ले सकता है.
मालिया ने बताया कि उन्होंने विधायक तापस बनर्जी से बात की है, जिन्होंने सुझाव दिया कि गरीब दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से व्यापार करने के लिए जगह दी जाए.उन्होंने कहा कि दुकानदारों से प्रतिदिन मात्र 20 रुपये लेकर उन्हें कारोबार की जगह दी गई है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मेले के लिए पर्याप्त जगह है और इसके आयोजन में कोई बाधा नहीं आएगी. मालिया ने बताया कि उनके भाई, जो पहले एसएससीए के अध्यक्ष थे, ने इस्तीफा दे दिया है और अब एसएससीए का मेले से कोई संबंध नहीं है.
प्रशासन का हस्तक्षेप
इस मामले में आसनसोल नगर निगम के बोरो-2 के चेयरमैन मुज्जम्मिल शाहजादा ने कहा कि सूचना मिलते ही निर्माण कार्य को रोक दिया गया है. उन्होंने कहा कि बिना अनुमति और नक्शा पास कराए कॉलेज के सामने कोई भी निर्माण अवैध है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.



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