रानीगंज- शुक्रवार को रानीगंज में विभिन्न वामपंथी संगठनों - सीटू , एआईकेएस , एआईएडब्ल्यूयू पीबीयूएस , और पीबीएसएमएम ने अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर रानीगंज बीडीओ कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.जब प्रदर्शनकारी कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें मुख्य द्वार बंद मिला, जिसके बाद वे गेट को धक्का देकर अंदर घुस गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया.
काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद, आंदोलनकारियों ने अपना मांगपत्र प्रभारी जॉइंट बीडीओ गौतम दत्ता को सौंपा.जॉइंट बीडीओ ने कहा कि उन्होंने ज्ञापन देख लिया है और जल्द ही इन मांगों पर कार्रवाई की जाएगी.
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में तुरंत 100 दिनों का काम शुरू किया जाए. 100 दिनों के काम का बकाया मजदूरी भुगतान किया जाए, साल में 200 दिन काम और ₹600 मजदूरी सुनिश्चित की जाए. वास्तविक गरीब बेघर लोगों को आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाए और लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए. गरीब भूमिहीनों को जमीन का पट्टा दिया जाए. पेयजल की समस्या का समाधान किया जाए और हर घर में पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. किसानों को खाद, बीज और मछली पालन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए. ग्राम पंचायत क्षेत्रों के आम लोगों को सरकारी योजनाओं से वंचित न किया जाए और दामोदर नदी से अवैज्ञानिक तरीके से बालू का उत्खनन रोका जाए.
अतिरिक्त मांगें और चेतावनी
वामपंथी नेताओं ने एगरा-बल्लभपुर रेलगेट के पास मेदिनीपुर रोड पर एक ओवरब्रिज के निर्माण और दुर्गापूजा से पहले इस सड़क का काम पूरा करने की भी मांग की.
सीटू नेता हेमंत प्रभाकर ने बताया कि साहेबगंज से बल्लभपुर श्मशान घाट और मेजिया जाने का रास्ता पूरी तरह से टूट गया है, और उन्होंने पीडब्ल्यूडी से सड़क के निर्माण की मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ओवरब्रिज बनाने का वादा किया गया था.
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे फिर से बीडीओ कार्यालय का घेराव करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ज्ञापन देने से रोका गया था, और अगर यह बीडीओ या पुलिस के आदेश पर हुआ है, तो वे आसनसोल अदालत में मामला दर्ज करेंगे.
इस आंदोलन का नेतृत्व हेमंत प्रभाकर, पूर्णदास बनर्जी, नारायण बाउरी, गुरुपद बाउरी, संजय हेम्ब्रम, पराशर महंत सहित अन्य नेताओं ने किया.
जॉइंट बीडीओ गौतम दत्ता ने ज्ञापन की प्रति स्वीकारते हुए मांग प्रति को उच्च अधिकारियों को सौंपे जाने की बात कहा.



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