कोलकाता (पीबी टीवी ) पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है, जहाँ वर्षों पहले मर चुके लोग भी "अदृश्य रूप से" आकर वोट डालते हैं। बहारमपुर नगरपालिका के 24 नंबर वार्ड के 117 नंबर बूथ और 21 नंबर वार्ड के 118 नंबर बूथ में करीब 150 ऐसे नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हैं, जो या तो वर्षों पहले मर चुके हैं या कहीं और चले गए हैं।हमारे संवाददाता जब बहारमपुर नगरपालिका क्षेत्र के 21 और 24 नंबर वार्ड के अंतर्गत गांधीकरण इलाके में पहुँचे, तो वहाँ एक व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र जुलाई 2018 का मिला। बावजूद इसके, उसका नाम अब भी वोटर लिस्ट में मौजूद है। अब सवाल उठता है — क्या ऐसे नाम एस. आई . (सুपरवाइज़र इंस्पेक्टर) के जरिए हटाए जाएंगे? या फिर किसी के इशारे पर इन्हें बनाए रखा गया है?कांग्रेस नेता जयंत दास का आरोप है कि, “चुनाव के समय ये मृत वोटर भी अदृश्य रूप से पहुँच जाते हैं और 'दीदी के विकास' में हिस्सा लेते हैं। यह साजिश है।"वहीं बीजेपी विधायक सुब्रत मैत्रा ने दावा किया, “हर बूथ पर इस तरह के मृत वोटर मौजूद हैं, जिन्हें तृणमूल जानबूझकर वोटर लिस्ट में बनाए रखती है। यह चुनावी धांधली का हिस्सा है।”इस पूरे मामले से चुनाव आयोग की सतर्कता और वोटर लिस्ट की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। क्या जानबूझकर लिस्ट में मृतकों के नाम जोड़े जा रहे हैं? क्या यह लोकतंत्र के साथ धोखा नहीं?अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।











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