टीडीबी कॉलेज में स्नातकोत्तर की पढ़ाई बंद होने पर टीएमसीपी का धरना




रानीगंज-रानीगंज के टीडीबी कॉलेज के सामने, तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) नेता रेहान साकिब के नेतृत्व में सोमवार को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया.यह प्रदर्शन कॉलेज प्रबंधन द्वारा स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर पाँच विभागों में अचानक पढ़ाई बंद करने के फैसले के विरोध में किया जा रहा है.



रेहान साकिब ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पिछले 12 सालों से इस कॉलेज में एमएससी और एमकॉम जैसे 8 विभागों में पीजी की पढ़ाई होती थी,परन्तु हठात 8 अगस्त को कॉलेज प्रबंधन एक सूचना जारी कर 5 विभाग की पीजी की पढ़ाई बंद कर दी गई है.उन्होंने कहा कि यह फैसला विशेषकर गरीबों के छात्रो के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा. साकिब ने चेतावनी दी कि जब तक कॉलेज प्रबंधन अपना यह 'तुगलकी फरमान' वापस नहीं लेता, उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने रानीगंज के तमाम संस्थाओं इस आंदोलन में साथ देने के लिए आवेदन किया. उन्होंने यह भी बताया कि इस फैसले से कॉलेज के राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक )मूल्यांकन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, क्योंकि प्रथम बार नैक मूल्यांकन में इस कॉलेज को बी प्लस मिला था पिछली बार भी नैक अधिकारियों ने कॉलेज का मूल्यांकन कम मात्र बी कर दिया था.


टीएमसीपी नेता रेहान साकिब ने कहा कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो कॉलेज पर नैक की रैंकिंग पर और बुरा असर पड़ेगा. वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल मिलन मुखर्जी की अनुपस्थिति में टीचर इंचार्ज की भूमिका निभा रहीं डॉ. सर्वानी मुखर्जी ने बताया कि कॉलेज को यह फैसला मजबूरी में लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि 2020 में दिल्ली से केंद्रीय स्तर पर सिलेबस में बदलाव किया गया था, जिससे पीजी की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया है. उन्होंने यह भी बताया कि आजकल छात्र पेशेवर पढ़ाई में ज्यादा रुचि ले रहे हैं, जिससे पीजी स्तर पर छात्रों की भर्ती कम हो गई है और जो छात्र भर्ती होते हैं, वे नियमित कक्षाओं में नहीं आते.


डॉ. मुखर्जी ने बताया कि पीजी की पढ़ाई काफी खर्चीली है और फिलहाल टीडीबी कॉलेज के लिए यह खर्च उठाना संभव नहीं है. इस मुद्दे पर काजी नजरुल विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया कि कॉलेज की गवर्निंग बॉडी इस पर विचार करे. गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष और रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी की सहमति से पाँच पीजी विभागों में पढ़ाई बंद करने का फैसला लिया गया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी, बांग्ला और उर्दू में पीजी की पढ़ाई अभी भी जारी है.


 वहीं गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी ने कहा कि पीजी में छात्रो की संख्या काफी कम है,जौसे केमिस्ट्री विभाग में सिर्फ दो छात्र और अंग्रेजी विभाग में 12-14 छात्र ही प्रवेश ले रहे थे, जिनमें से भी नियमित रूप से क्लास में आने वालों की संख्या कम होती है.जबकि कॉलेज के पास न तो इतने कम छात्रो के लिए क्लास रूम है,और न ही विज्ञान विभाग के लिए लैबोरेटरी है,और न ही फण्ड ऐसी स्थिति में इन विभागों को चलाना संभव नहीं था.

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