हाज़िरी अधिक दिखाकर मिड-डे मील फंड में लाखों रुपये की हेराफेरी, प्रबंधन समिति भी नहीं बनी – अभिभावकों का बवाल
बांकुडा-बांकुड़ा जिले के गंगाजलघाटी ब्लॉक स्थित लछमनपुर परमहंस योगानंद विद्यापीठ में बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के प्रधान शिक्षक प्रकाश चंद्र पंडा ने छात्रों की उपस्थिति ज़्यादा दिखाकर साल दर साल मिड-डे मील की करोड़ों रुपये की राशि का गबन किया है। इतना ही नहीं, अन्य मदों से मिलने वाले पैसों का भी कोई हिसाब नहीं दिया गया।
स्कूल में लंबे समय से प्रबंधन समिति (प्रशासनिक निकाय) नहीं है। शिक्षा विभाग की बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रधान शिक्षक के दबाव में समिति का गठन नहीं हुआ। आरोप है कि इस मौके का फायदा उठाकर प्रधान शिक्षक ने मिड-डे मील, सर्वशिक्षा अभियान और छात्रों की एडमिशन फीस से लेकर स्कूल प्रांगण के पेड़ बेचने तक की करोड़ों रुपये की रकम का हिसाब तक नहीं दिया।
अभिभावकों का कहना है कि यह पैसा प्रधान शिक्षक ने हड़प लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रधान शिक्षक तुरंत स्कूल की फंड का पूरा हिसाब नहीं देते तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हालांकि प्रधान शिक्षक ने स्वीकार किया है कि छात्रों की उपस्थिति अधिक दिखाकर मिड-डे मील का पैसा (बचा हुआ) आया है, लेकिन उन्होंने गबन के आरोप से इनकार किया। उनका कहना है कि उस अतिरिक्त पैसे से स्कूल की सरस्वती पूजा और अन्य आयोजनों में खर्च किया गया। साथ ही उन्होंने सफाई दी कि तृणमूल नेताओं के दबाव के कारण प्रबंधन समिति का गठन संभव नहीं हो पाया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की हाज़िरी अधिक दिखाना और बचा हुआ पैसा अन्य कामों में खर्च करना नियम के खिलाफ है। अगर जल्द ही प्रधान शिक्षक फंड का पूरा विवरण नहीं देते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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