नौकरी से वंचित शिक्षक सुबल सोरेन की असमय मृत्यु की प्रतिध्वनि अब बाँकुड़ा तक पहुँच गई है। शुक्रवार शाम को शहर के मचानतला में इस जिले के “नौकरी से वंचित योग्य शिक्षक” एकत्र हुए और दिवंगत शिक्षक की तस्वीर के सामने मोमबत्तियाँ जलाकर श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम मेदिनीपुर के “योग्य लेकिन नौकरी से वंचित” शिक्षक का इलाज के दौरान कोलकाता के आर.एन. टेगोर अस्पताल में शुक्रवार को निधन हो गया। इसके बाद से ही पूरे राज्य में “नौकरी से वंचित योग्य शिक्षक” आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधि अभिक सिन्हा और शर्मिष्ठा दुआरी ने कहा कि आज की इस स्थिति के लिए हमारी राज्य की न्याय व्यवस्था जिम्मेदार है। अदालत के आदेश से नौकरी छिन जाने के बाद सुबल सोरेन अवसाद में जी रहे थे और इसी कारण यह दुखद मृत्यु हुई। इतना ही नहीं, उनका आरोप है कि शिक्षक की मौत के बाद पुलिस ने उनके शव को ‘चोरी कर’ ले जाने की भी कोशिश की।









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