रानीगंज-रानीगंज के काठ गादा इलाके में अवैध रूप से पुराने तालाब की भराई के विरोध में सोमवार को स्थानीय लोगों ने नेशनल हाइवे-60 पर जाम लगा दिया.प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तालाब पाटने के कारण इलाके में नाली-नालों का पानी घरों में घुस रहा है,और पानी सड़कों में फैल रहा है, जिससे लोगों का जीवन नारकीय हो गया है.
सोमवार दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक चले इस सड़क अवरोध के दौरान 60 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग का गिरजापाड़ा हिस्सा पूरी तरह ठप रहा और शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई.
स्थानीयों का आरोप – जमीन माफियाओं ने तालाब पाटकर बनाई कॉलोनी
काठ गादा और आसपास के निवासियों ने बताया कि इलाके में एक बड़ा और पुराना तालाब मौजूद था, जिसे जमीन माफियाओं ने अवैध तरीके से भरकर वहां प्लॉटिंग कर मकान बना दिए.इसके कारण जरा सी बारिश होते ही नालियों और नालों का पानी आसपास फैल जाता है.
यह इलाका 91 नंबर वार्ड के अंतर्गत आता है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस समस्या की शिकायत कई बार वार्ड काउंसलर राजू सिंह से की गई, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की.
प्रदर्शनकारियों ने इलाके में तत्काल निकासी नाला (ड्रेन) का निर्माण तथा आसपास की सड़कों की मरम्मत की मांग किया.
सूचना पाकर रानीगंज थाने की पुलिस और ट्रैफिक गार्ड मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. थोड़ी देर बाद वार्ड काउंसलर राजू सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की.उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या के समाधान के लिए तुरंत कदम उठाए जाएंगे, लेकिन प्रदर्शनकारी तब भी डटे रहे.
आखिरकार, काउंसलर ने भरोसा दिलाया कि दो दिन के भीतर इस समस्या के समाधान के लिए कार्यवाही की जाएगी. इस आश्वासन के बाद लोगों ने अपना जाम समाप्त किया और यातायात बहाल हुआ.

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