W,B नदिया जिले के रानाघाट शहर से राखी गुलज़ार का गहरा संबंध है। भारतवर्ष में शायद ही कोई ऐसा कोना होगा जहाँ लोग उन्हें न जानते हों। यदि आप "राखी मजूमदार" नाम से पूछेंगे तो बहुत कम लोग पहचान पाएंगे, लेकिन जब बात राखी गुलज़ार की होती है, तो हर कोई उनके अभिनय का कायल है। उनका जन्म और पालन-पोषण रानाघाट में हुआ। उन्होंने रानाघाट यूसुफ गर्ल्स स्कूल में पढ़ाई की। उनके परिवार में माता-पिता और दो भाई थे। इतनी बड़ी अभिनेत्री बनने के बावजूद राखी गुलज़ार आज भी अपने जन्मस्थल रानाघाट और खासकर रथतला को नहीं भूली हैं। ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने कभी बंगाल की प्रसिद्ध अभिनेत्री संध्या राय को नहीं भुलाया, जिनके हाथ पकड़कर उन्होंने सिनेमा जगत में कदम रखा था। राखी गुलज़ार ने दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, संजय दत्त, अनिल कपूर जैसे बॉलीवुड के दिग्गजों के साथ अभिनय किया है। उम्र भले ही बढ़ गई हो, लेकिन उनकी अभिनय क्षमता आज भी नई पीढ़ी के दिलों में जगह बना रही है। बचपन में वे रानाघाट के जिस घर में किराए पर रहती थीं, वह रथतला बस स्टैंड के पास आज भी खड़ा है और उनकी यादों का गवाह है। रानाघाट के लोग उन्हें अपनी बेटी की तरह मानते हैं। उनकी अभिनय प्रतिभा ने हर फिल्म में दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। हाल ही में उनकी एक बंगाली फिल्म जब रानाघाट में दिखाई गई, तो उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। राखी गुलज़ार के बचपन के दोस्त और पड़ोसी मदन दास, जो उनके दो घर छोड़कर रहते थे, ने उनके साथ बिताए बचपन के पलों को याद करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि वे एक साथ खेलते थे, पढ़ते थे और बहुत वक्त साथ बिताया करते थे। यूसुफ स्कूल के उनके एक और सहपाठी ने भी उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि रानाघाट की इस बेटी पर उन्हें गर्व है। ऐसी अभिनेत्री जिन्होंने हिंदी, बंगाली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में काम करके सबका दिल जीत लिया वह हैं हमारी अपनी राखी गुलज़ार।

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