बांकुड़ा- मानसून की शुरुआत के साथ ही पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.पिछले 48 घंटों में हुई भारी बारिश (कुल 210 मिलीमीटर, जिसमें से 142 मिलीमीटर पिछले 24 घंटों में हुई) के कारण जिले की प्रमुख नदियाँ, जिनमें दरकेश्वर, कांगसाबती, शिलावती और जयपंडा शामिल हैं, उफान पर हैं.सबसे गंभीर स्थिति जयपंडा नदी की है, जिसके किनारे तोड़कर पानी कई गाँवों में घुस गया है.
तालडांगरा प्रखंड के पत्तनतुल और बंशगढ़ गाँव आज सुबह से ही बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जहाँ पानी कमर तक भर गया है. आपदा की आशंका को देखते हुए, इन दोनों गाँवों के निवासियों को पंचमुरा हाईस्कूल में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में सुरक्षित पहुँचाया गया है.
इसके अतिरिक्त, तालडांगरा प्रखंड के अधखरा गाँव का एक हिस्सा भी पानी में डूब गया है, जिसके कारण वहाँ के निवासियों को अधखरा प्राथमिक विद्यालय के अस्थायी राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया है. राधानगर गाँव के एक हिस्से में भी पानी घुसने के बाद स्थानीय राधानगर सामुदायिक केंद्र में एक और अस्थायी राहत शिविर खोला गया है.
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले में पहले से ही पाँच राहत शिविर खोल दिए हैं. जयपंडा नदी के किनारे बसे कई गाँवों के निवासियों को कुंडुलिया और देउलभीरा गाँवों में भी अस्थायी राहत शिविरों में पहुँचाया जा रहा है.
बांकुड़ा जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि वे स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है.









0 टिप्पणियाँ