कलकाता (पीबी टीवी) कलकत्ता हाई कोर्ट ने ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों को भत्ता देने के राज्य के फैसले को 26 सितंबर तक अस्थायी रूप से रोक दिया है। कोर्ट ने राज्य को 4 सप्ताह के अंदर राज्य सरकार एफिडेविट देने को कहा है।
इसके तहत राज्य चार सप्ताह के भीतर एक हलफनामा प्रस्तुत करेगा। याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दायर करेंगे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ग्रुप सी के लिए 25,000 रुपये और ग्रुप डी के उन कर्मचारियों के लिए 20,000 रुपये भत्ते की घोषणा की थी, जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी है। वंचित नौकरी चाहने वालों के एक वर्ग ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने भत्ते की घोषणा पर सवाल उठाया। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि राज्य सरकार ने अवैध भर्ती को दबाने के लिए यह निर्णय लिया है। जवाब में, राज्य ने मामले की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया। याचिकाकर्ताओं के वकील फिरदौस शमीम ने कहा, 'अदालत के इस आदेश के परिणामस्वरूप, राज्य सरकार अब भत्ता प्रदान करने के निर्णय को लागू नहीं कर पाएगी।'

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